GstAdmin - Gst It Return https://gstitreturn.com Lets Discuss Tax in India... Thu, 05 Nov 2026 06:10:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.4 https://gstitreturn.com/wp-content/uploads/2022/05/cssf-100x100.png GstAdmin - Gst It Return https://gstitreturn.com 32 32 GST के रिटेल ई-इनवॉइसिंग का पायलट प्रोजेक्ट 2027 से लागू, होने जा रहे ये बड़े बदलाव https://gstitreturn.com/gst-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%88-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%89%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b2-%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%2587%25e0%25a4%25a8%25e0%25a4%25b5%25e0%25a5%2589%25e0%25a4%2587%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%2597-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%25be https://gstitreturn.com/gst-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%88-%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%89%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be/#respond Thu, 05 Nov 2026 06:10:28 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6694 जीएसटी अधिकारी 1 अप्रैल, 2027 से रिटेल ग्राहकों के इनवॉइस को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। इसका लक्ष्य टैक्स कंप्लायंस सुधारना, कर चोरी रोकना और खुदरा लेनदेन के बड़े आंकड़ों तक पहुंच बनाना है। HighLights बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| वस्तु एवं सेवा कर (GST) अधिकारी 1 अप्रैल, 2027 से शुरू […]

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जीएसटी अधिकारी 1 अप्रैल, 2027 से रिटेल ग्राहकों के इनवॉइस को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। इसका लक्ष्य टैक्स कंप्लायंस सुधारना, कर चोरी रोकना और खुदरा लेनदेन के बड़े आंकड़ों तक पहुंच बनाना है।

HighLights

  1. रिटेल ग्राहकों के इनवॉइस का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग पायलट प्रोजेक्ट।
  2. 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगा, टैक्स कंप्लायंस सुधरेगा।
  3. कर चोरी रोकने और बड़े डेटा तक पहुंच का लक्ष्य।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| वस्तु एवं सेवा कर (GST) अधिकारी 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होने वाले पायलट प्रोजेक्ट के तहत दुकानों और कारोबारियों की ओर से रिटेल ग्राहकों को जारी किए जाने वाले इनवॉइस का विवरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करने की योजना बना रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य टैक्स कंप्लायंस में सुधार करना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम से कर अधिकारियों को खुदरा लेनदेन के बड़े आंकड़ों तक पहुंचने और यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि टैक्स चोरी की आशंका वाले क्षेत्रों में कारोबार सही तरीके से अपनी बिक्री की जानकारी दे रहे हैं या नहीं और उचित मात्रा में GST का भुगतान कर रहे हैं या नहीं।

कंप्लायंस बेहतर बनाने की दिशा में काम

वर्तमान में, ₹5 करोड़ से अधिक सालाना कारोबार वाले व्यवसायों को कुछ छूटों के अधीन, सरकारी पोर्टल पर अन्य व्यवसायों को जारी किए गए इनवॉइस को इलेक्ट्रॉनिक रूप से रजिस्टर्ड करना होता है। इस रिपोर्टिंग व्यवस्था को ई-इनवॉइसिंग कहा जाता है। इस व्यवस्था को अंतिम उपभोक्ताओं को की जाने वाली बिक्री तक बढ़ाना कर कंप्लायंस बेहतर बनाने की दिशा में कदम है। सितंबर 2024 में हुई जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में चुनिंदा क्षेत्रों और राज्यों में उपभोक्ता बिलों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करने का वॉलेंट्री टेस्टिंग शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया था।

बैठक के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कार्यवृत्त (Minutes) के अनुसार, काउंसिल ने शुरुआत में इस प्रणाली को स्वैच्छिक आधार पर लागू करने और बाद में इसे कर चोरी की आशंका वाले क्षेत्रों में अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन क्षेत्रों में रिटेल ई-इनवॉइसिंग शुरू की जा सकती है, उनमें रेस्तरां का भी उल्लेख किया गया था। काउंसिल ने इसके कई संभावित लाभों की पहचान की थी। इनमें बेहतर टैक्स कंप्लायंस, कागजी इनवॉइस से बचने के कारण पर्यावरण को होने वाले फायदे और लागत में कमी शामिल हैं। उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल फोन पर ई-इनवॉइस मिल सकेंगे।

बैंकों, बीमा कंपनियों और NBFC के लिए भी विचार

बैंक, बीमा कंपनियां और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) उन संस्थाओं में शामिल हैं, जिन्हें फिलहाल अन्य व्यवसायों के साथ लेनदेन के लिए ई-इनवॉइसिंग से छूट मिली हुई है। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारें भी अपने कारोबार-से-कारोबार (B2B) इनवॉइस को इस व्यवस्था के दायरे में लाने पर विचार कर रही हैं। एक अधिकारी ने मीडिया से कहा कि यह प्रस्तावित पायलट परियोजना का हिस्सा नहीं है।

खुदरा बिक्री के आंकड़ों का मैनेजमेंट

एक तीसरे अधिकारी ने, नाम जाहिर न करने की शर्त पर मीडिया को बताया कि खुदरा इनवॉइस को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करने का विचार कई सालों से चर्चा में रहा है। हालांकि, रोजाना होने वाले छोटे मूल्य के लेनदेन की बहुत बड़ी संख्या को संसाधित करने की चुनौती के कारण इसके क्रियान्वयन में देरी हुई। अधिकारी ने कहा कि इतने बड़े आंकड़ों को संग्रहित (Archived) करने और प्रोसेस्ड करने के लिए पर्याप्त सर्वर क्षमता की आवश्यकता होगी। पहले का टेक्निकल फ्रेमवर्क इस स्तर के आंकड़ों को संभालने के लिए तैयार नहीं था।

Source :- https://www.jagran.com/business/biz-gst-retail-einvoicing-pilot-project-to-start-in-2027-40425277.html

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सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी आई 2 लाख के नीचे; देखें अब क्या रह गई कीमत https://gstitreturn.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25a8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%259a%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a1%25e0%25a4%25bc%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%2597%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b5 https://gstitreturn.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5/#respond Mon, 26 Oct 2026 09:54:23 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6689 Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना लगभग 2% और चांदी लगभग 5% टूटी है। नई दिल्ली। Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने में लगभग 2 […]

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Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना लगभग 2% और चांदी लगभग 5% टूटी है।

नई दिल्ली। Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने में लगभग 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, चादीं में लगभग 5 फीसदी टूटी है। इस गिरावट के चलते चांदी की कीमत 2 लाख रुपये (Gold Silver Price) प्रति किलो से नीचे आ गई है। 

इस खबर को लिखते वक्त 4 दिसंबर 2026 का गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 2.03% गिरकर 143069 रुपये प्रति 10 ग्राम (gold price today) पर कारोबार करता दिखा। वहीं, 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा 4.92% यानी 10284 रुपये टूटकर 198884 रुपये प्रति किलोग्राम (silver price today) के स्तर पर कारोबार करती दिखी।

दिल्ली में कितनी रह गई सोने की कीमत

कच्चे तेल में उछाल से कीमती धातुओं पर बने दबाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट बृहस्पतिवार को भी जारी रही। दिल्ली में सोना 1,000 रुपये गिरकर तीन महीने के निचले स्तर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया जबकि चांदी 5,900 रुपये की फिसलन के साथ 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, सोने में कमजोरी जारी रहने के बीच पीली धातु 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर समेत) पर आ गई। इससे पहले 30 जुलाई को सोना इस स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा था।

कमजोर मांग के बीच चांदी भी 5,900 रुपये टूटकर 2,07,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर समेत) के भाव पर आ गई। यह चांदी का 10 महीने का सबसे निचला स्तर है। बुधवार को चांदी 2,13,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी।

चांदी 31 दिसंबर, 2025 के 2.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से अब तक 31,500 रुपये यानी 13.18 प्रतिशत गिर चुकी है। वहीं, 29 जनवरी को दर्ज 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर से इसकी कीमत 1.97 लाख रुपये यानी 48.70 प्रतिशत नीचे आ चुकी है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, “पश्चिम एशिया में संघर्ष को लेकर चिंताओं के बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।”

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमत

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमत 4,100 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई। हाजिर सोना 68.98 डॉलर यानी करीब 1.7 प्रतिशत टूटकर 4,072.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी की हाजिर कीमत भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब चार प्रतिशत गिरकर 55.72 डॉलर प्रति औंस रह गई।

पीएल कैपिटल के जिंस प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा कि कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनाए रखने की आशंका मजबूत हुई है और कीमती धातुओं के भाव पर इसका असर देखा जा रहा है। राजोदिया ने कहा, “सोने के मुकाबले चांदी में अधिक गिरावट उसकी कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण आई है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के संकेत भी दोनों धातुओं पर दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी से कीमती धातुओं को संभलने का मौका मिल सकता है।” ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक और आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं।

Source :- https://www.jagran.com/business/commodity-gold-silver-price-crash-on-mcx-check-latest-rates-40413406.html

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त्योहारों से पहले भरी सरकार की झोली! सितंबर के GST Collection में 14.7% का उछाल, सबसे अधिक रेवेन्यू वाले टॉप 5 राज्य https://gstitreturn.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25af%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25b9%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%25b9%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25ad%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%2595 https://gstitreturn.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95/#respond Sat, 17 Oct 2026 10:11:57 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6685 सितंबर में जीएसटी कलेक्शन ₹2,03,521 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 14.7% अधिक है। इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में कुल कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा, जिसमें 11.6% की वृद्धि दर्ज की गई। HighLights बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| GST Collection के सितंबर महीने के आंकड़े आ गए हैं। फेस्टिव सीजन से पहले सरकारी टैक्स कलेक्शन […]

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सितंबर में जीएसटी कलेक्शन ₹2,03,521 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 14.7% अधिक है। इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में कुल कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा, जिसमें 11.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

HighLights

  1. सितंबर में कुल जीएसटी कलेक्शन ₹2,03,521 करोड़ रहा।
  2. पिछले साल की तुलना में 14.7% अधिक कलेक्शन दर्ज हुआ।
  3. महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात शीर्ष कलेक्शन वाले राज्य बने।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| GST Collection के सितंबर महीने के आंकड़े आ गए हैं। फेस्टिव सीजन से पहले सरकारी टैक्स कलेक्शन काफी पॉजिटिव रहा। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में कुल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स का कलेक्शन ₹2,03,521 करोड़ रहा। ये आंकड़ा पिछले साल इसी महीने की तुलना में 14.7% अधिक है।

इस फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) के लिए कुल कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 11.6% अधिक दर्ज किया गया है।

कहां से कितना हुआ कलेक्शन?

ग्रास जीएसटी कलेक्शन सितंबर में 14.7 प्रतिशत बढ़कर ₹2.03 लाख करोड़ रहा। बृहस्पतिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, घरेलू गतिविधियों से जीएसटी कलेक्शन 10.1 प्रतिशत बढ़कर करीब ₹1.38 लाख करोड़ रहा, जबकि आयात से प्राप्त रेवेन्यू में 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, और आंकड़ा बढ़कर ₹65,525 करोड़ हो गया।

रिफंड में 3 फीसदी की कमी

आंकड़ों के मुताबिक GST रिफंड 3% घटकर ₹27,001 करोड़ रहा। ‘रिफंड’ को अर्जस्ट करने के बाद सितंबर में शुद्ध जीएसटी कलेक्शन 18.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1.76 लाख करोड़ से अधिक हो गया जो एक साल पहले इसी महीने में ₹1.49 लाख करोड़ था। चालू फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में सकल जीएसटी कलेक्शन में 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

इन राज्यों से हुआ सबसे अधिक कलेक्शन

GST कलेक्शन में स्टेट वाइस आंकड़ों की बात करें तो महाराष्ट्र ने सितंबर में सबसे ज्यादा ₹29,986 करोड़ GST कलेक्शन हुआ जो एक साल पहले के ₹25,973 करोड़ से 15% अधिक है। इसके बाद कर्नाटक है जहां कलेक्शन में 16 फीसदी उछाल आया और कुल रेवेन्यू ₹13,884 करोड़ रहा। गुजरात के कलेक्शन में भी 17 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ रेवेन्यू ₹12,222 करोड़ दर्ज किया गया।

सितंबर में उत्तर प्रदेश का GST कलेक्श भी 18 फीसदी बढ़कर ₹8,882 करोड़ हो गया है जो एक साल पहले ₹7,516 करोड़ था। तेलंगाना में भी 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और कुल रेवेन्यू ₹5,327 करोड़ हो गया। इसी तरह पंजाब के GST रेवेन्यू में भी 18% का उछाल आया है और आंकड़ा ₹2,549 करोड़ हो गया है।

असम में 88% की भारी-भरकम बढ़ोतरी के साथ ₹2,415 करोड़ और मणिपुर में 145% की बढ़ोतरी के साथ कलेक्शन ₹92 करोड़ रहा आंकड़े बताते हैं कि अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में क्रमशः 46% और 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

Source :- https://www.jagran.com/business/biz-september-gst-collection-jumps-147-to-203-lakh-crore-40391053.html

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GST दरों में बदलाव को लेकर बड़ी खबर! साल में सिर्फ 1 बार बदलेंगे रेट्स, इन 4 सुधारों पर सरकार की नजर https://gstitreturn.com/gst-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b5-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258b-%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a1%25e0%25a4%25bc https://gstitreturn.com/gst-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc/#respond Mon, 12 Oct 2026 06:29:20 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6679 सरकार GST व्यवस्था को स्थिर, सरल और कारोबार-अनुकूल बनाने के लिए “GST 2.0” रोडमैप पर काम कर रही है, जिसके तहत GST दरों में बदलाव साल में सिर्फ एक बार 1 अप्रैल से लागू होंगे। यह सुधार MSME सहित कई क्षेत्रों को लाभान्वित करेगा और टैक्स प्रशासन को अधिक पारदर्शी व विवाद-मुक्त बनाएगा, जिसमें कुछ […]

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सरकार GST व्यवस्था को स्थिर, सरल और कारोबार-अनुकूल बनाने के लिए “GST 2.0” रोडमैप पर काम कर रही है, जिसके तहत GST दरों में बदलाव साल में सिर्फ एक बार 1 अप्रैल से लागू होंगे। यह सुधार MSME सहित कई क्षेत्रों को लाभान्वित करेगा और टैक्स प्रशासन को अधिक पारदर्शी व विवाद-मुक्त बनाएगा, जिसमें कुछ GST अपराधों को गैर-आपराधिक बनाना भी शामिल है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश के इनडायरेक्ट टैक्स स्ट्रक्चर को अधिक स्थिर, सरल और कारोबार के अनुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार GST व्यवस्था में बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। वित्त मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, सरकार “GST 2.0” रोडमैप पर काम कर रही है, जिसके तहत अब GST दरों में बदलाव साल में सिर्फ एक बार किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार सभी GST दर संशोधन और स्लैब बदलाव हर साल 1 अप्रैल से लागू होंगे।

मीडिया सूत्रों का कहना है कि 8 अक्टूबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में GST दरों या टैक्स स्लैब में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं रखा जाएगा। बैठक का फोकस मुख्य रूप से प्रक्रियाओं को आसान बनाने और टैक्स नियमों से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को दूर करने पर रहेगा।

वित्त मंत्रालय से जुड़े मीडिया सूत्रों के मुताबिक, बार-बार होने वाले टैक्स बदलावों से उद्योग जगत को अपनी कीमतें, सप्लाई चेन और कारोबारी योजनाएं बार-बार बदलनी पड़ती हैं। नई व्यवस्था बनाने का उद्देश्य कारोबारियों को पहले से स्पष्टता देना है, ताकि वे पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए बेहतर योजना बना सकें।

इन सेक्टर्स में होगा सुधार

GST में सुधार के तहत प्रस्तावित सुधारों को 2027 तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य GST व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विवाद-मुक्त और कंप्लायंस के लिहाज से आसान बनाना है।

इन सुधारों का असर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जिनमें एग्री और फूड प्रोसेसिंग, MSME, निर्यात से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, टेलीकॉम तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

एक जैसी सर्विस पर एक जैसा टैक्स

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार GST में “चैनल न्यूट्रल टैक्सेशन” का सिद्धांत लागू करना चाहती है। इसका मतलब है कि किसी वस्तु या सर्विस पर GST रेट इस आधार पर अलग नहीं होगी कि वह किस प्लेटफॉर्म, एजेंट या डिलीवरी चैनल के जरिए बेची या उपलब्ध कराई जा रही है। समान वस्तु या सेवा पर समान GST दर लागू होगी।

इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और पारंपरिक व्यापारियों के बीच टैक्स को लेकर मौजूद कई विवाद खत्म हो सकते हैं।

क्रिमिनलाइजेशन कम करने की तैयारी

GST व्यवस्था में सुधार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा टैक्स प्रशासन को अधिक भरोसेमंद और कारोबार-अनुकूल बनाना है। सरकार कई GST अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर करने पर विचार कर रही है। इससे सामान्य कारोबारी लेनदेन में छोटी गलतियों या तकनीकी चूक के कारण आपराधिक कार्रवाई का जोखिम काफी कम हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार का फोकस दंडात्मक कार्रवाई के बजाय स्वैच्छिक अनुपालन बढ़ाने पर रहेगा। यदि किसी कारोबारी से रिटर्न दाखिल करने में देरी होती है, गणना में अनजाने में गलती हो जाती है या कोई वास्तविक परिचालन संबंधी त्रुटि होती है, तो ऐसे मामलों में केवल निर्धारित ब्याज और सीमित जुर्माना लगाया जाएगा।

MSME को मिल सकती है सबसे बड़ी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुधार का सबसे बड़ा लाभ MSME सेक्टर को मिल सकता है। छोटे कारोबारियों की लंबे समय से मांग रही है कि GST नियमों में स्थिरता लाई जाए और छोटी त्रुटियों को अपराध की तरह न देखा जाए। साल में एक बार दरों में बदलाव होने से कारोबारियों को मूल्य निर्धारण, स्टॉक प्रबंधन और अनुबंधों की योजना बनाने में आसानी होगी।

GST काउंसिल की बैठक पर नजर

8 अक्टूबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में भले ही टैक्स दरों में बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन प्रक्रियागत सुधारों, अनुपालन को आसान बनाने और विभिन्न सेक्टरों से जुड़े स्पष्टीकरणों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। ऐसे में कारोबारियों और उद्योग जगत की नजर इस बैठक पर बनी हुई है।

यदि प्रस्तावित GST में सुधार से जुड़ा रोडमैप लागू होते है, तो यह GST लागू होने के बाद सबसे बड़े स्ट्रक्चरल सुधारों में से एक माना जाएगा, जिसका उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना, विवाद कम करना और कर व्यवस्था में दीर्घकालिक स्थिरता लाना होगा।

Source :- https://www.jagran.com/business/msme-gst-20-india-to-revamp-tax-structure-rates-once-a-year-40397387.html

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GST की 57वीं बैठक शुरू, टैक्स नियमों में होंगे बदलाव, जानिए आपके व्यापार पर क्या होगा असर https://gstitreturn.com/gst-%e0%a4%95%e0%a5%80-57%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a0%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%bf/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2580-57%25e0%25a4%25b5%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a5%2588%25e0%25a4%25a0%25e0%25a4%2595-%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%2582-%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%2588%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b8-%25e0%25a4%25a8%25e0%25a4%25bf https://gstitreturn.com/gst-%e0%a4%95%e0%a5%80-57%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a0%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%bf/#respond Thu, 08 Oct 2026 05:27:59 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6676 GST Council Meeting 2026: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू हो गई है. जानिए टैक्स नियमों में होने वाले बड़े बदलावों का आपके व्यापार और बजट पर क्या असर पड़ेगा. GST Council Meeting 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 57वीं जीएसटी काउंसिल (GST Council) की अहम […]

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GST Council Meeting 2026: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू हो गई है. जानिए टैक्स नियमों में होने वाले बड़े बदलावों का आपके व्यापार और बजट पर क्या असर पड़ेगा.

GST Council Meeting 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 57वीं जीएसटी काउंसिल (GST Council) की अहम बैठक शुरू हो गई है. सितंबर 2025 में हुई 56वीं बैठक के दौरान जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स दरों में कटौती की गई थी. हालांकि, इस बार बैठक का फोकस टैक्स दरें घटाने पर नहीं, बल्कि व्यापारियों और आम टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने पर है.

जीएसटी नियमों में क्या बदलाव होने जा रहे हैं?

इस बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), रिफंड और विवादों के निपटारे जैसे अहम मुद्दों पर विचार किया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा मकसद कारोबारियों के फंसे हुए पैसों को निकालना और बिना वजह के कानूनी मुकदमों को कम करना है.

प्रमुख प्रस्तावित बदलावों को नीचे टेबल में समझा जा सकता है:

सुधार का क्षेत्रमुख्य प्रस्ताव
अधिकारी की गिरफ्तारी शक्तिबिना अदालती मंजूरी के गिरफ्तारी की शक्ति समाप्त करने का प्रस्ताव
आपराधिक मुकदमाकार्रवाई की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव
जीएसटी रिफंडऑटोमेटेड प्रक्रिया और रिफंड की अधिकतम सीमा 17 दिन तय करना
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)सप्लायर की गलती पर भी ईमानदार खरीदार का क्रेडिट सुरक्षित रखना
कर्मचारी लाभग्रुप इंश्योरेंस और कैटरिंग जैसी सेवाओं पर ITC की छूट

गिरफ्तारी के नियमों को लेकर क्यों बना है विवाद?

जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्तियों में बदलाव को लेकर राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है.

प्रस्तावित सुधार: अफसरों से बिना कोर्ट की इजाजत गिरफ्तारी का अधिकार छीनना और मामले दर्ज करने की सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करना.

विरोध करने वाले राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अधिकारियों की शक्ति सीमित करने का कड़ा विरोध किया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि ईमानदारी से काम करने वाले कारोबारियों को राहत देने और व्यापारिक विवादों को आपराधिक मामलों से अलग रखने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है.

कारोबारियों और MSME को इससे क्या फायदा होगा?

काउंसिल के इन सुधारों से छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) और निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है:

फंसा हुआ पैसा जल्द मिलेगा: फार्मा और FMCG जैसी कंपनियों के रिफंड 17 दिनों के भीतर मिलने से उनकी वर्किंग कैपिटल की समस्या खत्म होगी.

फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम: दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (Biometric Aadhaar Authentication) को पूरे देश में लागू किया जा सकता है.

मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा: विदेश में स्थित ग्राहकों के लिए भारत में ही तैयार किए जाने वाले सामान (जैसे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स) पर एक्सपोर्ट स्टेटस देने पर विचार हो रहा है.

Source :- https://www.prabhatkhabar.com/business/gst-council-57th-meeting-tax-rule-changes-impact-on-business

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फिर बदलेगा GST कानून! अधिकारियों की गिरफ्तारी वाली ताकत पर लग सकती है रोक https://gstitreturn.com/%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-gst-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25ab%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2597%25e0%25a4%25be-gst-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25a8%25e0%25a5%2582%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%25a7%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25bf https://gstitreturn.com/%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-gst-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf/#respond Mon, 05 Oct 2026 05:22:12 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6670 जीएसटी काउंसिल की 7 अक्टूबर की बैठक में अधिकारियों की गिरफ्तारी की ताकत खत्म करने और आपराधिक मुकदमे की सीमा 5 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कई नियमों में बदलाव की तैयारी है. GST कानून में कारोबारियों को बड़ी राहत देने […]

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जीएसटी काउंसिल की 7 अक्टूबर की बैठक में अधिकारियों की गिरफ्तारी की ताकत खत्म करने और आपराधिक मुकदमे की सीमा 5 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कई नियमों में बदलाव की तैयारी है.

GST कानून में कारोबारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी है. जीएसटी अधिकारियों से गिरफ्तारी की ताकत वापस लेने का प्रस्ताव है. अगर इस पर सहमति बनती है तो किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट की मंजूरी जरूरी होगी. इसके साथ ही आपराधिक मुकदमा शुरू करने की सीमा भी 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की जा सकती है. जीएसटी काउंसिल की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है.

इस बदलाव का सीधा असर कारोबारियों पर पड़ सकता है. अभी कुछ गंभीर मामलों में जीएसटी अधिकारी कमिश्नर स्तर के अधिकारी की मंजूरी के बाद गिरफ्तारी कर सकते हैं. इनमें टैक्स चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने या गलत तरीके से रिफंड हासिल करने जैसे मामले शामिल हैं. प्रस्ताव के तहत अधिकारियों की गिरफ्तारी की यह ताकत खत्म की जा सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं होगा कि टैक्स चोरी करने वालों को कार्रवाई से छूट मिल जाएगी.

सरकार जीएसटी (Goods and Services Tax) व्यवस्था को आसान बनाने के लिए सुधारों के अगले चरण पर काम कर रही है. सितंबर 2025 में टैक्स दरों में बदलाव के बाद अब जोर नियमों को सरल बनाने, कारोबारियों की लागत घटाने और कार्रवाई को अपराध की गंभीरता के हिसाब से तय करने पर है. इसी कड़ी में गिरफ्तारी और आपराधिक मुकदमों से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है.

टैक्स वसूली और जुर्माने की कार्रवाई जारी रहेगी

प्रस्ताव के मुताबिक, गिरफ्तारी की ताकत हटने के बाद भी सरकार टैक्स की वसूली कर सकेगी. अगर किसी कारोबारी ने कम टैक्स जमा किया है या गलत तरीके से ITC का दावा किया है, तो उससे बकाया टैक्स, ब्याज और जुर्माना वसूला जा सकेगा. यानी छोटे टैक्स विवादों में सीधे आपराधिक कार्रवाई करने के बजाय आर्थिक दंड और टैक्स वसूली पर जोर दिया जाएगा.

हालांकि, जानबूझकर टैक्स चोरी करने या धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में अदालत के जरिए मुकदमा चलाने का रास्ता खुला रहेगा. प्रस्ताव में आपराधिक मुकदमा शुरू करने की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की बात है. इससे बड़े मामलों को ही आपराधिक कार्रवाई के दायरे में रखने की कोशिश होगी.

24 अपराधों में नरमी का प्रस्ताव

जीएसटी काउंसिल के सामने 24 अपराधों से जुड़े नियमों में नरमी लाने का प्रस्ताव भी है. इनमें से 9 अपराधों को पूरी तरह हटाने, जबकि 11 को मौजूदा रूप में बनाए रखने की बात कही गई है. न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाने का भी प्रस्ताव है, ताकि अदालत हर मामले में जेल की सजा देने के लिए बाध्य न हो.मध्यम श्रेणी के अपराधों में अधिकतम सजा 3 साल से घटाकर 2 साल करने की बात भी शामिल है

इसके अलावा,  छोटे कारोबारियों की लेट फीस माफ करने और जुर्माने को तर्कसंगत बनाने पर भी विचार हो सकता है. कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन आसान करने, रिफंड जल्दी देने और इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया सरल बनाने जैसे प्रस्ताव भी पैकेज का हिस्सा हैं

अब तकनीक से पकड़ में आएगी टैक्स चोरी

जीएसटी लागू होने के समय फर्जी बिल और टैक्स चोरी पकड़ना मुश्किल था. उस वक्त गिरफ्तारी की ताकत को ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के एक तरीके के तौर पर देखा गया. अब जीएसटी सिस्टम में खरीदार और विक्रेता की ओर से दी गई जानकारी का मिलान किया जा सकता है. इससे फर्जी ITC की पहचान पहले ही होने की संभावना बढ़ी है.

इस प्रस्ताव के तहत गिरफ्तारी के बजाय तकनीक की मदद से टैक्स चोरी और दूसरी गड़बड़ियों का पता लगाने पर जोर दिया जाएगा. हालांकि, ये सभी बदलाव फिलहाल प्रस्तावित हैं. इन्हें लागू करने के लिए जीएसटी काउंसिल की मंजूरी और कानून में जरूरी बदलाव करने होंगे.

Source :- https://www.aajtak.in/business/news/story/gst-law-changes-tax-officers-arrest-power-prosecution-limit-5-crore-ntc-dhrj-dskc-2661288-2026-10-04

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GDP से लेकर GST तक… दो दिन में मोदी सरकार के लिए आईं दो गुड न्यूज https://gstitreturn.com/gdp-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-gst-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gdp-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0-gst-%25e0%25a4%25a4%25e0%25a4%2595-%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%258b-%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%2580 https://gstitreturn.com/gdp-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-gst-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80/#respond Wed, 23 Sep 2026 06:01:16 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6665 Indian Economy तेज रफ्तार से भाग रही है, तो वहीं जीएसटी कलेक्शन से लगातार सरकार का खजाना भर रहा है. दो दिन में ही PM Modi Govt के लिए दो गुड न्यूज आई हैं मोदी सरकार (Modi Govt) के लिए सिर्फ दो दिन में ही एक के बाद एक दो अच्छी खबरें आईं है, जो […]

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Indian Economy तेज रफ्तार से भाग रही है, तो वहीं जीएसटी कलेक्शन से लगातार सरकार का खजाना भर रहा है. दो दिन में ही PM Modi Govt के लिए दो गुड न्यूज आई हैं

मोदी सरकार (Modi Govt) के लिए सिर्फ दो दिन में ही एक के बाद एक दो अच्छी खबरें आईं है, जो तमाम ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार की गवाही दे रही हैं. एक ओर जहां सोमवार को सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़े पेश किए, जो उम्मीद से बेहतर रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर मंगलवार को जारी किए गए जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े भी खुश करने वाले हैं और सरकार के खजाने में अगस्त में GST Collectio से 1.99 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा आए हैं. 

पहली गुड न्यूज: उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ 

मोदी सरकार के लिए पहली अच्छी खबर सोमवार को आई, FY27 की पहली तिमाही की जीडीपी आंकड़े जोरदार रहे हैं. Indian Economy Q1 में 7.8% की रफ्तार से भागी है. इससे पिछले साल की समान तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.9% रही थी. यानी ये आंकड़ा तमाम एक्सपर्ट्स और आरबीआई के अनुमानों से भी बेहतर है, जिनकी ओर से अप्रैल-जून तिमाही में India GDP Growth रेट 7.1-7.2 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया जा रहा था.

सबसे खास ये है कि India GDP Growth की ये रफ्तार वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों की बीच दर्ज की गई है. टैरिफ से लेकर युद्ध का तनाव हो, सप्लाई चेन पर संकट से लेकर एनर्जी प्राइस हाइक और ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता हो, इस बीच देश की इकोनॉमी मजबूत रही है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जीडीपी ग्रोथ (PM Narendra Modi On GDP) को लेकर एक वीडियो संदेश में कहा है कि, ‘देश खुशियों से भर गया है, हमने 7.8% की ग्रोथ रेट हासिल की है और आगे भी हमें इस रफ्तार को बनाए रखना है. हम आत्मनिर्भरता के जरिये 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करेंगे.’

दूसरी गुड न्यूज: GST कलेक्शन से भरा खजाना

जीडीपी ग्रोथ के बाद मंगलवार को मोदी सरकार के लिए सुबह-सुबह एक और अच्छी खबर आई. सरकार द्वारा अगस्त में जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए गए, जिसमें सालाना आधार पर 14.8% का उछाल देखने को मिला है. August GST Collection 1,99,853 करोड़ रुपये रहा, जो बीते साल की समान तिमाही में 1,74,116 करोड़ रुपये रहा था.

GST कलेक्शन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो देश में केंद्रीय जीएसटी (CGST) कलेक्शन में 38,413 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (SGST) कलेक्शन 46,316 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा. बीते महीने रिफंड 68% बढ़ा और ये 31,795 करोड़ रुपये रहा. नेट जीएसटी कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा है. इससे पहले जुलाई और जून महीने में भी सरकार के खजाने में जीएसटी कलेक्शन से मोटी रकम आई थी. 

Source :-https://www.aajtak.in/business/news/story/modi-govt-gets-two-good-news-in-just-two-days-from-gdp-to-gst-collection-tutc-dskc-2633939-2026-09-01

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GST Council Meeting GST रजिस्ट्रेशन और कैंसिलेशन होगा ऑटोमैटिक 12 सितंबर को बड़ा फैसला संभव https://gstitreturn.com/gst-council-meeting-gst-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-council-meeting-gst-%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%259c%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b6%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%2594%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2588%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b2 https://gstitreturn.com/gst-council-meeting-gst-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2/#respond Tue, 15 Sep 2026 11:24:42 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6659 GST Council Meeting: 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. 12 सितंबर की बैठक में ऑटोमैटिक सिस्टम पर फैसला संभव. (प्रतीकात्मक तस्वीर) GST Council Meeting: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जुड़े कारोबारियों […]

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GST Council Meeting: 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.

12 सितंबर की बैठक में ऑटोमैटिक सिस्टम पर फैसला संभव. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

GST Council Meeting: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जुड़े कारोबारियों और कंपनियों के लिए बड़ी राहत की खबर आ सकती है. 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.

अगर बैठक में यह एजेंडा मंजूर हो जाता है तो बड़ी संख्या में छोटे कारोबारियों और खासतौर पर ई-कॉमर्स के जरिए कारोबार करने वाली कंपनियों को फायदा मिल सकता है.

ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ऑटोमैटिक GST रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव

प्रस्ताव के मुताबिक, जिन कंपनियों का इनपुट टैक्ट क्रेडिट (ITC) ₹2.5 लाख प्रति माह तक है और जो अपना कारोबार केवल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए करती हैं, उनके GST रजिस्ट्रेशन को ऑटोमैटिक रूट के जरिए मंजूरी देने की व्यवस्था की जा सकती हैय

यानी पात्र कंपनियों को GST रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी प्रक्रिया या अतिरिक्त जांच का सामना नहीं करना पड़ सकता है और उनका रजिस्ट्रेशन तय मानकों के आधार पर ऑटोमैटिक तरीके से हो सकेगा.

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GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन भी होगा आसान

सिर्फ नया GST रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि GST रजिस्ट्रेशन को कैंसिल करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की तैयारी है.

प्रस्ताव के अनुसार, जिन कंपनियों का ITC ₹2.5 लाख प्रति माह तक है, उनके लिए GST रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की प्रक्रिया को भी ऑटोमैटिक रूट के जरिए पूरा किया जा सकता है.

इससे कारोबार बंद करने वाली या अपना GST रजिस्ट्रेशन समाप्त करने वाली छोटी कंपनियों को लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है.

80% कंपनियों को तेज GST रजिस्ट्रेशन-कैंसिलेशन का फायदा

अगर 12 सितंबर की GST काउंसिल बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो अनुमान के मुताबिक करीब 80% कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है.

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अभी क्या होता है?

मौजूदा समय में जब कैंसिलेशन के लिए आवेदन डाला जाता है तो पहले यह विभाग के पास जाता है. विभाग उसमें स्क्रूटनी करता है. इस प्रोसेस में काफी लंबा समय लग जाता है. इससे कंपनी के लिए एक टैक्स लायबिलिटी भी खड़ी हो जाती है और समय अलग से लगता है.

इसी शिकायत को दूर करने के लिए अब कैंसिलेशन को पूरी तरह ऑटोमैटिक रूट पर करने का प्रस्ताव है.

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रेट रेशनलाइजेशन पर विचार नहीं

12 सितंबर को होने वाली बैठक में रेट रेशनलाइजेशन पर विचार नहीं होगा, लेकिन सिंपलिफिकेशन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जीएसटी का काउंसिल का फोकस रहेगा.

Source – https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/gst/gst-council-meeting-on-12th-september-gst-registration-and-cancellation-be-automatic-263627

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GST Meeting 2026 New Date: ब्रिक्स सम्मेलन के चलते जीएसटी परिषद की बैठक टली, अक्टूबर की आई नई तारीख https://gstitreturn.com/gst-meeting-2026-new-date-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-meeting-2026-new-date-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b8-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%259a%25e0%25a4%25b2 https://gstitreturn.com/gst-meeting-2026-new-date-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2/#respond Thu, 10 Sep 2026 12:05:04 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6653 जीएसटी परिषद की बैठक अब 12 सितंबर की जगह 7 अक्टूबर को होगी, जिसका मुख्य कारण 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक, जो पहले 12 सितंबर को होनी थी, अब 7 अक्टूबर को होगी। यह बदलाव ब्रिक्स समिट […]

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जीएसटी परिषद की बैठक अब 12 सितंबर की जगह 7 अक्टूबर को होगी, जिसका मुख्य कारण 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक, जो पहले 12 सितंबर को होनी थी, अब 7 अक्टूबर को होगी। यह बदलाव ब्रिक्स समिट की वजह से किया गया है। भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सालाना ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा।

इस शिखर सम्मेलन में कई अहम वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिनमें पश्चिम एशिया संकट का आर्थिक असर भी शामिल है। शुरुआत में ब्रिक्स में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल थे। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को इसमें शामिल किया गया। इंडोनेशिया 2025 में ब्रिक्स का सदस्य बना।

सूत्रों के अनुसार, ब्रिक्स (BRICS) समिट को देखते हुए GST काउंसिल की 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर को होगी। इससे पहले, 5 और 6 अक्टूबर को अधिकारियों की बैठक होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के वित्त मंत्रियों की मौजूदगी में होने वाली यह काउंसिल बैठक एक साल से ज़्यादा समय के बाद हो रही है।

काउंसिल की 56वीं बैठक 3-4 सितंबर, 2025 को हुई थी। उस बैठक में केंद्र और राज्यों ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) की दरों और कैटेगरी में बड़े बदलाव करने का फैसला किया था।

नई GST बैठक 2026 में क्या हो सकते हैं फैसले?

7 अक्टूबर 2026 को होने वाली अपनी 57वीं बैठक में, GST काउंसिल उन बिज़नेस के GST रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने पर चर्चा कर सकती है जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा का टैक्स क्रेडिट पास करते हैं। साथ ही, काउंसिल GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया में ऑटोमेशन और अन्य बदलावों पर भी विचार कर सकती है।

अभी, बड़े बिज़नेस (जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा का क्रेडिट पास करते हैं) को GST रजिस्ट्रेशन देने की प्रक्रिया में सेंट्रल GST और अलग-अलग राज्यों के GST विभागों के बीच कोई एकरूपता नहीं है, जिससे टैक्सपेयर्स के मन में अनिश्चितता पैदा होती है।

GST काउंसिल ने सितंबर 2025 की अपनी बैठक में छोटे और कम जोखिम वाले बिजनेस के लिए एक आसान GST रजिस्ट्रेशन स्कीम को मंज़ूरी दी थी और इसे 1 नवंबर से लागू किया गया था।

छोटे और कम जोखिम वाले बिज़नेस के आवेदक, जिनकी पहचान GST सिस्टम डेटा एनालिसिस के आधार पर करता है, या वे आवेदक जो खुद यह आकलन करते हैं कि उनकी आउटपुट टैक्स देनदारी हर महीने 2.5 लाख रुपये (CGST, SGST/UTGST और IGST मिलाकर) से ज़्यादा नहीं है, वे इस स्कीम को चुन सकते हैं। अभी लगभग 1.68 करोड़ बिज़नेस GST के तहत रजिस्टर्ड हैं।

Source : https://www.jagran.com/business/biz-gst-council-meeting-2026-rescheduled-to-oct-7-due-to-brics-summit-40364533.html

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अगस्त में GST कलेक्शन 15% बढ़ा, खजाने में आए 1.99 लाख करोड़ रुपये https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-gst-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-15-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%96/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%2597%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-gst-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b6%25e0%25a4%25a8-15-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a2%25e0%25a4%25bc%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%2596 https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-gst-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-15-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%96/#respond Tue, 01 Sep 2026 09:53:50 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6649 भारत सरकार का अगस्त महीने का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 15% के उछाल के साथ 1.99 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है. विदेशी आयात पर लगे टैक्स ने इस शानदार बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका निभाई है. अगस्त महीने में देश के खजाने में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकार की ओर से […]

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भारत सरकार का अगस्त महीने का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 15% के उछाल के साथ 1.99 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है. विदेशी आयात पर लगे टैक्स ने इस शानदार बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका निभाई है.

अगस्त महीने में देश के खजाने में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़कर 1.998 लाख करोड़ रुपये हो गया है. ये लगातार तीसरा महीना है जब जीएसटी रेवेन्यू में दोहरे अंकों (डबल डिजिट) की ग्रोथ देखने को मिली है. इससे पहले जून में 13.9 फीसदी तथा जुलाई में 15.4 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया था. पिछले साल अगस्त 2025 में ये आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा था.

आयात से टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त उछाल

जीएसटी कलेक्शन में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह विदेशों से होने वाला आयात है. आंकड़ों पर नजर डालें तो आयात से मिलने वाले ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू में 29 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है. ये पिछले साल के 48,546 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधा 62,604 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. दूसरी तरफ घरेलू बाजार से मिलने वाले टैक्स में 9.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. घरेलू रेवेन्यू 1.26 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि हेडलाइन जीएसटी नंबर को शानदार बनाने में आयात का बड़ा योगदान रहा है.

रिफंड बढ़ने से नेट रेवेन्यू की रफ्तार धीमी

भले ही ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन ने रिकॉर्ड बनाए हों, लेकिन नेट जीएसटी रेवेन्यू की ग्रोथ थोड़ी धीमी रही. इसकी मुख्य वजह रिफंड का तेजी से बढ़ना है. अगस्त में सरकार ने कुल रिफंड में 67.9 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की. ये आंकड़ा पिछले साल के 18,935 करोड़ रुपये से बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये हो गया है. इस दौरान डोमेस्टिक रिफंड में 72.6 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि ICEGATE के जरिए प्रोसेस किए गए एक्सपोर्ट जीएसटी रिफंड में 61.8 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई. इसका सीधा असर नेट कलेक्शन पर पड़ा जो 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा. इसमें नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू 3.4 फीसदी बढ़कर 1.19 लाख करोड़ रुपये, जबकि नेट कस्टम्स जीएसटी 22.3 फीसदी उछलकर 49,299 करोड़ रुपये हो गया है. चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 11 फीसदी बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं नेट रेवेन्यू 9 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा है.

राज्यों का प्रदर्शन… यूपी चमका, असम ने चौंकाया

देश के अलग-अलग राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो उत्तर प्रदेश ने डोमेस्टिक जीएसटी कलेक्शन में 19 फीसदी की शानदार ग्रोथ हासिल की है. इसके बाद तेलंगाना 16 फीसदी, गुजरात 15 फीसदी, कर्नाटक व केरल 13 फीसदी, और हरियाणा व पंजाब 12 फीसदी की ग्रोथ के साथ आगे रहे. देश में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले राज्य महाराष्ट्र में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिससे उसका कुल कलेक्शन 28,779 करोड़ रुपये रहा. वहीं कुछ राज्यों के आंकड़े निराशाजनक भी रहे. तमिलनाडु के कलेक्शन में 1 फीसदी, जबकि ओडिशा व आंध्र प्रदेश में 7 फीसदी की गिरावट आई. राजस्थान और गोवा का कलेक्शन भी 2 फीसदी गिरा. इन सबके बीच असम के आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया, जहां टैक्स कलेक्शन में 162 फीसदी का अप्रत्याशित उछाल देखने को मिला है.

Source : https://www.tv9hindi.com/business/india-august-gst-collection-surges-15-percent-near-2-lakh-crore-3895391.html

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