GstAdmin - Gst It Return https://gstitreturn.com Lets Discuss Tax in India... Wed, 23 Sep 2026 06:01:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://gstitreturn.com/wp-content/uploads/2022/05/cssf-100x100.png GstAdmin - Gst It Return https://gstitreturn.com 32 32 GDP से लेकर GST तक… दो दिन में मोदी सरकार के लिए आईं दो गुड न्यूज https://gstitreturn.com/gdp-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-gst-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gdp-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0-gst-%25e0%25a4%25a4%25e0%25a4%2595-%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%258b-%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%2580 https://gstitreturn.com/gdp-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-gst-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80/#respond Wed, 23 Sep 2026 06:01:16 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6665 Indian Economy तेज रफ्तार से भाग रही है, तो वहीं जीएसटी कलेक्शन से लगातार सरकार का खजाना भर रहा है. दो दिन में ही PM Modi Govt के लिए दो गुड न्यूज आई हैं मोदी सरकार (Modi Govt) के लिए सिर्फ दो दिन में ही एक के बाद एक दो अच्छी खबरें आईं है, जो […]

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Indian Economy तेज रफ्तार से भाग रही है, तो वहीं जीएसटी कलेक्शन से लगातार सरकार का खजाना भर रहा है. दो दिन में ही PM Modi Govt के लिए दो गुड न्यूज आई हैं

मोदी सरकार (Modi Govt) के लिए सिर्फ दो दिन में ही एक के बाद एक दो अच्छी खबरें आईं है, जो तमाम ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार की गवाही दे रही हैं. एक ओर जहां सोमवार को सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़े पेश किए, जो उम्मीद से बेहतर रहे हैं. तो वहीं दूसरी ओर मंगलवार को जारी किए गए जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े भी खुश करने वाले हैं और सरकार के खजाने में अगस्त में GST Collectio से 1.99 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा आए हैं. 

पहली गुड न्यूज: उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ 

मोदी सरकार के लिए पहली अच्छी खबर सोमवार को आई, FY27 की पहली तिमाही की जीडीपी आंकड़े जोरदार रहे हैं. Indian Economy Q1 में 7.8% की रफ्तार से भागी है. इससे पिछले साल की समान तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.9% रही थी. यानी ये आंकड़ा तमाम एक्सपर्ट्स और आरबीआई के अनुमानों से भी बेहतर है, जिनकी ओर से अप्रैल-जून तिमाही में India GDP Growth रेट 7.1-7.2 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया जा रहा था.

सबसे खास ये है कि India GDP Growth की ये रफ्तार वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों की बीच दर्ज की गई है. टैरिफ से लेकर युद्ध का तनाव हो, सप्लाई चेन पर संकट से लेकर एनर्जी प्राइस हाइक और ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता हो, इस बीच देश की इकोनॉमी मजबूत रही है. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जीडीपी ग्रोथ (PM Narendra Modi On GDP) को लेकर एक वीडियो संदेश में कहा है कि, ‘देश खुशियों से भर गया है, हमने 7.8% की ग्रोथ रेट हासिल की है और आगे भी हमें इस रफ्तार को बनाए रखना है. हम आत्मनिर्भरता के जरिये 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करेंगे.’

दूसरी गुड न्यूज: GST कलेक्शन से भरा खजाना

जीडीपी ग्रोथ के बाद मंगलवार को मोदी सरकार के लिए सुबह-सुबह एक और अच्छी खबर आई. सरकार द्वारा अगस्त में जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए गए, जिसमें सालाना आधार पर 14.8% का उछाल देखने को मिला है. August GST Collection 1,99,853 करोड़ रुपये रहा, जो बीते साल की समान तिमाही में 1,74,116 करोड़ रुपये रहा था.

GST कलेक्शन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो देश में केंद्रीय जीएसटी (CGST) कलेक्शन में 38,413 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (SGST) कलेक्शन 46,316 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा. बीते महीने रिफंड 68% बढ़ा और ये 31,795 करोड़ रुपये रहा. नेट जीएसटी कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा है. इससे पहले जुलाई और जून महीने में भी सरकार के खजाने में जीएसटी कलेक्शन से मोटी रकम आई थी. 

Source :-https://www.aajtak.in/business/news/story/modi-govt-gets-two-good-news-in-just-two-days-from-gdp-to-gst-collection-tutc-dskc-2633939-2026-09-01

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GST Council Meeting GST रजिस्ट्रेशन और कैंसिलेशन होगा ऑटोमैटिक 12 सितंबर को बड़ा फैसला संभव https://gstitreturn.com/gst-council-meeting-gst-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-council-meeting-gst-%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%259c%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b6%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%2594%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2588%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b2 https://gstitreturn.com/gst-council-meeting-gst-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2/#respond Tue, 15 Sep 2026 11:24:42 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6659 GST Council Meeting: 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. 12 सितंबर की बैठक में ऑटोमैटिक सिस्टम पर फैसला संभव. (प्रतीकात्मक तस्वीर) GST Council Meeting: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जुड़े कारोबारियों […]

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GST Council Meeting: 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.

12 सितंबर की बैठक में ऑटोमैटिक सिस्टम पर फैसला संभव. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

GST Council Meeting: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जुड़े कारोबारियों और कंपनियों के लिए बड़ी राहत की खबर आ सकती है. 12 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.

अगर बैठक में यह एजेंडा मंजूर हो जाता है तो बड़ी संख्या में छोटे कारोबारियों और खासतौर पर ई-कॉमर्स के जरिए कारोबार करने वाली कंपनियों को फायदा मिल सकता है.

ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ऑटोमैटिक GST रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव

प्रस्ताव के मुताबिक, जिन कंपनियों का इनपुट टैक्ट क्रेडिट (ITC) ₹2.5 लाख प्रति माह तक है और जो अपना कारोबार केवल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए करती हैं, उनके GST रजिस्ट्रेशन को ऑटोमैटिक रूट के जरिए मंजूरी देने की व्यवस्था की जा सकती हैय

यानी पात्र कंपनियों को GST रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी प्रक्रिया या अतिरिक्त जांच का सामना नहीं करना पड़ सकता है और उनका रजिस्ट्रेशन तय मानकों के आधार पर ऑटोमैटिक तरीके से हो सकेगा.

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GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन भी होगा आसान

सिर्फ नया GST रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि GST रजिस्ट्रेशन को कैंसिल करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की तैयारी है.

प्रस्ताव के अनुसार, जिन कंपनियों का ITC ₹2.5 लाख प्रति माह तक है, उनके लिए GST रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की प्रक्रिया को भी ऑटोमैटिक रूट के जरिए पूरा किया जा सकता है.

इससे कारोबार बंद करने वाली या अपना GST रजिस्ट्रेशन समाप्त करने वाली छोटी कंपनियों को लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है.

80% कंपनियों को तेज GST रजिस्ट्रेशन-कैंसिलेशन का फायदा

अगर 12 सितंबर की GST काउंसिल बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो अनुमान के मुताबिक करीब 80% कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है.

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अभी क्या होता है?

मौजूदा समय में जब कैंसिलेशन के लिए आवेदन डाला जाता है तो पहले यह विभाग के पास जाता है. विभाग उसमें स्क्रूटनी करता है. इस प्रोसेस में काफी लंबा समय लग जाता है. इससे कंपनी के लिए एक टैक्स लायबिलिटी भी खड़ी हो जाती है और समय अलग से लगता है.

इसी शिकायत को दूर करने के लिए अब कैंसिलेशन को पूरी तरह ऑटोमैटिक रूट पर करने का प्रस्ताव है.

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रेट रेशनलाइजेशन पर विचार नहीं

12 सितंबर को होने वाली बैठक में रेट रेशनलाइजेशन पर विचार नहीं होगा, लेकिन सिंपलिफिकेशन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जीएसटी का काउंसिल का फोकस रहेगा.

Source – https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/gst/gst-council-meeting-on-12th-september-gst-registration-and-cancellation-be-automatic-263627

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GST Meeting 2026 New Date: ब्रिक्स सम्मेलन के चलते जीएसटी परिषद की बैठक टली, अक्टूबर की आई नई तारीख https://gstitreturn.com/gst-meeting-2026-new-date-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=gst-meeting-2026-new-date-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b8-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%259a%25e0%25a4%25b2 https://gstitreturn.com/gst-meeting-2026-new-date-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b2/#respond Thu, 10 Sep 2026 12:05:04 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6653 जीएसटी परिषद की बैठक अब 12 सितंबर की जगह 7 अक्टूबर को होगी, जिसका मुख्य कारण 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक, जो पहले 12 सितंबर को होनी थी, अब 7 अक्टूबर को होगी। यह बदलाव ब्रिक्स समिट […]

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जीएसटी परिषद की बैठक अब 12 सितंबर की जगह 7 अक्टूबर को होगी, जिसका मुख्य कारण 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक, जो पहले 12 सितंबर को होनी थी, अब 7 अक्टूबर को होगी। यह बदलाव ब्रिक्स समिट की वजह से किया गया है। भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में सालाना ब्रिक्स समिट की मेजबानी करेगा।

इस शिखर सम्मेलन में कई अहम वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिनमें पश्चिम एशिया संकट का आर्थिक असर भी शामिल है। शुरुआत में ब्रिक्स में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल थे। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को इसमें शामिल किया गया। इंडोनेशिया 2025 में ब्रिक्स का सदस्य बना।

सूत्रों के अनुसार, ब्रिक्स (BRICS) समिट को देखते हुए GST काउंसिल की 57वीं बैठक अब 7 अक्टूबर को होगी। इससे पहले, 5 और 6 अक्टूबर को अधिकारियों की बैठक होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के वित्त मंत्रियों की मौजूदगी में होने वाली यह काउंसिल बैठक एक साल से ज़्यादा समय के बाद हो रही है।

काउंसिल की 56वीं बैठक 3-4 सितंबर, 2025 को हुई थी। उस बैठक में केंद्र और राज्यों ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) की दरों और कैटेगरी में बड़े बदलाव करने का फैसला किया था।

नई GST बैठक 2026 में क्या हो सकते हैं फैसले?

7 अक्टूबर 2026 को होने वाली अपनी 57वीं बैठक में, GST काउंसिल उन बिज़नेस के GST रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने पर चर्चा कर सकती है जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा का टैक्स क्रेडिट पास करते हैं। साथ ही, काउंसिल GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया में ऑटोमेशन और अन्य बदलावों पर भी विचार कर सकती है।

अभी, बड़े बिज़नेस (जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा का क्रेडिट पास करते हैं) को GST रजिस्ट्रेशन देने की प्रक्रिया में सेंट्रल GST और अलग-अलग राज्यों के GST विभागों के बीच कोई एकरूपता नहीं है, जिससे टैक्सपेयर्स के मन में अनिश्चितता पैदा होती है।

GST काउंसिल ने सितंबर 2025 की अपनी बैठक में छोटे और कम जोखिम वाले बिजनेस के लिए एक आसान GST रजिस्ट्रेशन स्कीम को मंज़ूरी दी थी और इसे 1 नवंबर से लागू किया गया था।

छोटे और कम जोखिम वाले बिज़नेस के आवेदक, जिनकी पहचान GST सिस्टम डेटा एनालिसिस के आधार पर करता है, या वे आवेदक जो खुद यह आकलन करते हैं कि उनकी आउटपुट टैक्स देनदारी हर महीने 2.5 लाख रुपये (CGST, SGST/UTGST और IGST मिलाकर) से ज़्यादा नहीं है, वे इस स्कीम को चुन सकते हैं। अभी लगभग 1.68 करोड़ बिज़नेस GST के तहत रजिस्टर्ड हैं।

Source : https://www.jagran.com/business/biz-gst-council-meeting-2026-rescheduled-to-oct-7-due-to-brics-summit-40364533.html

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अगस्त में GST कलेक्शन 15% बढ़ा, खजाने में आए 1.99 लाख करोड़ रुपये https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-gst-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-15-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%96/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%2597%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-gst-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b2%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b6%25e0%25a4%25a8-15-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a2%25e0%25a4%25bc%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%2596 https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-gst-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-15-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%96/#respond Tue, 01 Sep 2026 09:53:50 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6649 भारत सरकार का अगस्त महीने का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 15% के उछाल के साथ 1.99 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है. विदेशी आयात पर लगे टैक्स ने इस शानदार बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका निभाई है. अगस्त महीने में देश के खजाने में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकार की ओर से […]

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भारत सरकार का अगस्त महीने का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 15% के उछाल के साथ 1.99 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है. विदेशी आयात पर लगे टैक्स ने इस शानदार बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका निभाई है.

अगस्त महीने में देश के खजाने में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़कर 1.998 लाख करोड़ रुपये हो गया है. ये लगातार तीसरा महीना है जब जीएसटी रेवेन्यू में दोहरे अंकों (डबल डिजिट) की ग्रोथ देखने को मिली है. इससे पहले जून में 13.9 फीसदी तथा जुलाई में 15.4 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया था. पिछले साल अगस्त 2025 में ये आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा था.

आयात से टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त उछाल

जीएसटी कलेक्शन में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह विदेशों से होने वाला आयात है. आंकड़ों पर नजर डालें तो आयात से मिलने वाले ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू में 29 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है. ये पिछले साल के 48,546 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधा 62,604 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. दूसरी तरफ घरेलू बाजार से मिलने वाले टैक्स में 9.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. घरेलू रेवेन्यू 1.26 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि हेडलाइन जीएसटी नंबर को शानदार बनाने में आयात का बड़ा योगदान रहा है.

रिफंड बढ़ने से नेट रेवेन्यू की रफ्तार धीमी

भले ही ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन ने रिकॉर्ड बनाए हों, लेकिन नेट जीएसटी रेवेन्यू की ग्रोथ थोड़ी धीमी रही. इसकी मुख्य वजह रिफंड का तेजी से बढ़ना है. अगस्त में सरकार ने कुल रिफंड में 67.9 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की. ये आंकड़ा पिछले साल के 18,935 करोड़ रुपये से बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये हो गया है. इस दौरान डोमेस्टिक रिफंड में 72.6 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि ICEGATE के जरिए प्रोसेस किए गए एक्सपोर्ट जीएसटी रिफंड में 61.8 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई. इसका सीधा असर नेट कलेक्शन पर पड़ा जो 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा. इसमें नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू 3.4 फीसदी बढ़कर 1.19 लाख करोड़ रुपये, जबकि नेट कस्टम्स जीएसटी 22.3 फीसदी उछलकर 49,299 करोड़ रुपये हो गया है. चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 11 फीसदी बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं नेट रेवेन्यू 9 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा है.

राज्यों का प्रदर्शन… यूपी चमका, असम ने चौंकाया

देश के अलग-अलग राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो उत्तर प्रदेश ने डोमेस्टिक जीएसटी कलेक्शन में 19 फीसदी की शानदार ग्रोथ हासिल की है. इसके बाद तेलंगाना 16 फीसदी, गुजरात 15 फीसदी, कर्नाटक व केरल 13 फीसदी, और हरियाणा व पंजाब 12 फीसदी की ग्रोथ के साथ आगे रहे. देश में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले राज्य महाराष्ट्र में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिससे उसका कुल कलेक्शन 28,779 करोड़ रुपये रहा. वहीं कुछ राज्यों के आंकड़े निराशाजनक भी रहे. तमिलनाडु के कलेक्शन में 1 फीसदी, जबकि ओडिशा व आंध्र प्रदेश में 7 फीसदी की गिरावट आई. राजस्थान और गोवा का कलेक्शन भी 2 फीसदी गिरा. इन सबके बीच असम के आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया, जहां टैक्स कलेक्शन में 162 फीसदी का अप्रत्याशित उछाल देखने को मिला है.

Source : https://www.tv9hindi.com/business/india-august-gst-collection-surges-15-percent-near-2-lakh-crore-3895391.html

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फर्जीवाड़े पर नकेल: सरकारी राशन लेने वालों में 56 लाख आयकरदाता, 7 लाख जीएसटी कारोबारी शामिल https://gstitreturn.com/%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25ab%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25b5%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25a1%25e0%25a4%25bc%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25a8%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b2-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0 https://gstitreturn.com/%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/#respond Thu, 27 Aug 2026 12:34:21 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6642 राशन योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 2.44 करोड़ अपात्र लाभार्थी मिले हैं। इनमें 56 लाख आयकरदाता और 7 लाख जीएसटी कारोबारी शामिल हैं। इन्हें हटाने से सरकार को कितना फायदा होगा, क्या अब असली जरूरतमंदों को मिलेगा राशन? देश की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के भीतर सेंधमारी का हैरान […]

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राशन योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 2.44 करोड़ अपात्र लाभार्थी मिले हैं। इनमें 56 लाख आयकरदाता और 7 लाख जीएसटी कारोबारी शामिल हैं। इन्हें हटाने से सरकार को कितना फायदा होगा, क्या अब असली जरूरतमंदों को मिलेगा राशन?

देश की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के भीतर सेंधमारी का हैरान करने वाला खेल चल रहा है। जिस सरकारी अनाज पर देश के गरीब और वंचित लोगों का हक है, उसे संपन्न, टैक्स भरने वाले कारोबारी और कंपनियों के बोर्ड में शामिल बड़े अधिकारी तक डकार रहे हैं।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने डाटा इंटीग्रेशन और गहन जांच के बाद देश भर में 2.44 करोड़ ऐसे अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर ली है, जो वर्षों से गरीबों का मुफ्त राशन ले रहे थे। सरकार अब इन्हें योजना से बाहर करने जा रही है, जिससे चालू वित्त वर्ष में सरकारी खजाने को करीब 5,800 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।

5,800 करोड़  की होगी बचत
सरकार प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने औसतन 200 रुपये का राशन (सालाना 2,400 रुपये प्रति व्यक्ति) उपलब्ध कराती है। 2.44 करोड़ अपात्र लाभार्थियों के हटने से सालाना लगभग 5,856 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी की बचत होगी। पिछले वित्त वर्ष में 2.77 करोड़ फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को बाहर कर  6,700 करोड़ रुपये बचाए गए थे।विज्ञापन

इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राशन कार्ड के कोटे में जगह खाली होगी, जिससे वर्षों से कतार में खड़े वास्तविक जरूरतमंद और गरीब परिवारों को योजना से जोड़ा जा सकेगा। सरकारी खजाने को लग रही चपत सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देशभर में करीब 78 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है।  

डाटा जांच में खुला फर्जीवाड़े का खेल
मंत्रालय ने संदिग्ध लगने वाले करीब 4.5 करोड़ लाभार्थियों के डाटा को इनकम टैक्स, जीएसटी नेटवर्क, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और परिवहन विभाग के डाटाबेस से क्रॉस-वेरिफाई किया। गहन जांच के बाद 2.44 करोड़ लाभार्थी सीधे तौर पर अपात्र पाए गए।

यह सूची अब संबंधित राज्य सरकारों को सौंपी जा रही है। राज्यों द्वारा स्थानीय स्तर पर अंतिम जांच (फील्ड वेरिफिकेशन) की रिपोर्ट मिलते ही इन सभी के राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे।

कौन ले रहा गरीबों का राशन?

श्रेणीलाभार्थी संख्या
दो अलग-अलग राशन कार्ड10,77,631
जीएसटी देने वाले7,21,343
इनकम टैक्स देने वाले56,22,619
कंपनियों के निदेशक2,42,313
सरकारी कर्मचारी2,76,544
100 साल से अधिक उम्र वाले    3,01,978
महीनों से राशन नहीं लेने वाले1,58,16,217
18 साल से कम उम्र वाले1,13,094
चार-पहिया वाहन मालिक2,07,970

Source : https://www.amarujala.com/india-news/government-ration-fraud-56-lakh-income-tax-payers-7-lakh-gst-payers-beneficiaries-2026-08-27

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Explainer: GST में हुई कटौती.. कमाई तो घटनी चाहिए थी, फिर ऐसा क्या हुआ, जो जुलाई में बन गया दूसरा बड़ा रिकॉर्ड https://gstitreturn.com/explainer-gst-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%98%e0%a4%9f/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=explainer-gst-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25b9%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%258c%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%258b-%25e0%25a4%2598%25e0%25a4%259f https://gstitreturn.com/explainer-gst-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%98%e0%a4%9f/#respond Fri, 21 Aug 2026 09:02:09 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6636 GST Collection July 2026: जुलाई 2026 में भारत का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह जीएसटी इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है. हाल के महीनों में सरकार द्वारा कई अहम कैटेगरी में जीएसटी रेट कट किए जाने के बावजूद राजस्व में 15.4 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज […]

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GST Collection July 2026: जुलाई 2026 में भारत का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह जीएसटी इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है. हाल के महीनों में सरकार द्वारा कई अहम कैटेगरी में जीएसटी रेट कट किए जाने के बावजूद राजस्व में 15.4 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज हुई है.

GST Collection July 2026: वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में भारत का जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह जुलाई 2025 के ₹1.83 लाख करोड़ के मुकाबले 15.4 प्रतिशत की मजबूत सालाना बढ़त को दिखाता है. 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक कलेक्शन है. इससे पहले अप्रैल 2026 में ₹2.43 लाख करोड़ का ऑल-टाइम रिकॉर्ड बना था.

यह टैक्स कलेक्शन बजटीय अनुमानों में तय 10 प्रतिशत की nominal GDP ग्रोथ रेट से काफी ज्यादा है. मई और जून 2026 में यह कलेक्शन ₹1.94 लाख करोड़ से ₹1.95 लाख करोड़ के बीच बना हुआ था. जुलाई के महीने में इस भारी उछाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है. सरकार ने 4 सितंबर 2025 को जीएसटी की दरों में बड़ी कटौती की थी, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार की कमाई घटेगी, लेकिन जीएसटी कलेक्शन में तो रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बन रहे हैं.

हालिया जीएसटी रेट कट और बाजार पर उसका असर!

अक्सर यह माना जाता है कि टैक्स दरें घटाने से सरकारी राजस्व कम हो जाता है, लेकिन जुलाई 2026 और पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों ने इस सोच को बदल दिया है. कुछ समय पहले सरकार ने आम जनता को राहत देने और व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कैटेगरी पर जीएसटी दरों में भारी कटौती की थी.

दरों में कटौती का मकसद दैनिक उपयोग की वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य संबंधी सामानों को सस्ता बनाना था. जब सरकार ने टैक्स दरें घटाईं, तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें कम हुईं. कीमतें घटने से ग्राहकों की खरीदारी क्षमता बढ़ी और मांग में जबरदस्त तेजी आई. बिक्री का कुल वॉल्यूम बढ़ने और पक्के बिल पर खरीदारी से सरकार को टैक्स के रूप में ज्यादा राजस्व मिला.

किस कैटेगरी में कितना घटा था जीएसटी?

कैटेगरीपहले GSTअब GST
छोटी कारें और 350cc तक के टू-व्हीलर28%18%
बस, ट्रक, थ्री-व्हीलर और ऑटो पार्ट्स28%18%
टीवी (32 इंच से बड़े LCD/LED), AC, डिशवॉशर28%18%
सीमेंट28%18%
साबुन, शैम्पू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, टेबलवेयर, साइकिल12% / 18%5%
पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, चॉकलेट, कॉफी आदि12% / 18%5%
UHT दूध, पैकेज्ड पनीर (चना/छेना), सभी भारतीय ब्रेड5% / 12%0%
ट्रैक्टर12%5%
ट्रैक्टर के टायर और पार्ट्स18%5%
हार्वेस्टर, थ्रेशर, स्प्रिंकलर, ड्रिप इरिगेशन मशीनें12%5%
बायो-पेस्टिसाइड और नेचुरल मेंथॉल12%5%
होटल (₹7,500 प्रतिदिन तक)12%5%
जिम, सैलून, बार्बर, योग सेवाएं18%5%
मैन-मेड फाइबर18%5%
मैन-मेड यार्न12%5%
हस्तशिल्प की मूर्तियां, पेंटिंग, खिलौने12%5%
ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूल ट्रे आदि12%5%
एक्सरसाइज बुक, पेंसिल, इरेज़र, क्रेयॉन, शार्पनर12%0%
33 जीवनरक्षक दवाएं और डायग्नोस्टिक किट12%0%
अन्य दवाएं (आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी सहित)12%5%
चश्मा और करेक्टिव गॉगल्स28%5%
मेडिकल ऑक्सीजन, थर्मामीटर, सर्जिकल उपकरण12–18%5%
मेडिकल, डेंटल और वेटरिनरी डिवाइस18%5%
व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम18%0%

बढ़ गई बिलिंग, रुकी टैक्स चोरी

जीएसटी रेट कट के कारण उन सेक्टरों में भी पक्के बिल बनने लगे जहां पहले बिना बिल के नकद लेन-देन ज्यादा होता था. दरों के वाजिब होने से व्यापारियों ने स्वेच्छा से सही रिटर्न भरना शुरू किया, जिससे ओवरऑल टैक्स बेस में बड़ा सुधार हुआ.

तकनीक और ई-इन्वॉइसिंग ने बदली टैक्स व्यवस्था!

टैक्स कलेक्शन में इस ऐतिहासिक उछाल का दूसरा सबसे बड़ा कारण टेक्नोलॉजी का सटीक इस्तेमाल है. जीएसटी पोर्टल पर ऑटो-पॉपुलेटेड रिटर्न्स, इन्वॉइस मैचिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावों को पकड़ने के लिए एआई आधारित डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है.

ई-वे बिल और ई-इन्वॉइसिंग की अनिवार्य व्यवस्था से टैक्स चोरी के रास्ते बंद हो गए हैं. 31 जुलाई 2026 तक केवल राज्यों के जीएसटी प्रशासन के तहत 9.6 मिलियन (96 लाख) से अधिक टैक्सपेयर रजिस्टर हो चुके हैं. इस डिजिटल पारदर्शिता का नतीजा है कि बिना टैक्स दरें बढ़ाए सरकारी खजाना लगातार भर रहा है.

आयात और रिफंड के मजबूत आंकड़े!

जुलाई 2026 के आंकड़ों का एक और दिलचस्प पहलू आयातित सामानों (Imports) पर मिलने वाला जीएसटी है. इस बार आयात पर जीएसटी कलेक्शन में 28.8 प्रतिशत की भारी उछाल दर्ज की गई है, जो घरेलू मांग और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का स्पष्ट संकेत है.

समीक्षाधीन अवधि में सरकार ने कारोबारियों को ₹29,968 करोड़ का रिफंड भी जारी किया है. यह पिछले साल की तुलना में 13.1 प्रतिशत अधिक है. समय पर रिफंड मिलने से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी (working capital) बनी रहती है और वह बिजनेस का विस्तार आसानी से कर पाते हैं.

साल भर में कितना रहा जीएसटी कलेक्शन?

अगर पिछले 12 महीनों (अगस्त 2025 से जुलाई 2026) का GST कलेक्शन देखा जाए तो पता चलता है कि इसमें सिर्फ नवंबर और दिसंबर में थोड़ी गिरावट रही, बाकी हर महीने यह जीएसटी रेट कट के वक्त के कलेक्शन से ज्यादा ही रहा है. टेबल में देखिए पिछले 12 महीनों का जीएसटी कलेक्शन.

महीनाGST कलेक्शन (₹ करोड़)
अगस्त 20251,86,000
सितंबर 20251,89,000
अक्टूबर 20251,95,936
नवंबर 20251,70,276
दिसंबर 20251,74,550
जनवरी 20261,93,384
फरवरी 20261,83,609
मार्च 20262,00,064
अप्रैल 20262,42,702
मई 20261,94,875
जून 20261,94,476
जुलाई 20262,11,205

आम जनता और कारोबारियों के लिए क्या हैं मायने!

जीएसटी संग्रह में आई इस तेजी का सीधा असर देश के आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों पर पड़ता है. जब सरकार को बेहतर अनुपालन से अधिक राजस्व प्राप्त होता है, तो आम जनता पर नए टैक्स का बोझ डालने की जरूरत नहीं पड़ती.

बढ़े हुए टैक्स कलेक्शन का इस्तेमाल देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नई सड़कों के निर्माण और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर किया जाएगा. इसके साथ ही, औपचारिक लेन-देन बढ़ने से छोटे विक्रेताओं के लिए बैंक से लोन पाना बेहद आसान हो गया है.

कारोबारियों के लिए जरूरी समय-सीमा और सावधानियां

20 अगस्त 2026 डेडलाइन: नियमित करदाताओं के लिए जुलाई महीने का GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2026 है. समय पर रिटर्न भरें, ताकि पेनल्टी से बचा जा सके.

आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल: रिटर्न दाखिल करने और चालान जनरेट करने के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल gst.gov.in का ही इस्तेमाल करें.

साइबर सुरक्षा पर ध्यान दें: किसी भी फर्जी कॉल, ईमेल या अनधिकृत ऐप पर अपना जीएसटीिन (GSTIN) पासवर्ड या बैंक विवरण साझा न करें.

ई-वे बिल नियमों का पालन: 50,000 रुपये से अधिक के सामान के परिवहन पर ई-वे बिल समय पर जनरेट करें.

Conclusion

जुलाई 2026 में ₹2.11 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाता है. सरकार द्वारा हाल में किए गए जीएसटी रेट कट और सख्त तकनीकी अनुपालन ने मिलकर एक बेहतरीन संतुलन बनाया है. इससे ग्राहकों को सस्ती चीजें मिली हैं और सरकार का राजस्व भी बढ़ा है. सभी कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे 20 अगस्त 2026 की समय-सीमा से पहले अपना मासिक रिटर्न जरूर जमा करें.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 जुलाई 2026 में कुल कितना जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया है?

जुलाई 2026 में कुल ₹2.11 लाख करोड़ का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया.

Q2 जीएसटी रेट कट का कुल टैक्स कलेक्शन पर क्या असर पड़ा है?

रेट कट से मांग और बिक्री का वॉल्यूम बढ़ा, जिससे कुल टैक्स कलेक्शन में तेजी आई.

Q3 जुलाई 2026 में सरकार ने कितना जीएसटी रिफंड जारी किया है?

जुलाई 2026 में सरकार की तरफ से कुल ₹29,968 करोड़ का जीएसटी रिफंड जारी किया गया.

Q4 कारोबारियों के लिए अगला GSTR-3B रिटर्न भरने की आखिरी तारीख क्या है?

जुलाई महीने का मासिक GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2026 है.

Q5 जीएसटी इतिहास में सबसे उच्चतम मासिक कलेक्शन का रिकॉर्ड किस महीने का है?

जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अप्रैल 2026 में ₹2.43 लाख करोड़ का रहा है.

Source: https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/gst-collection-july-2026-record-rs-2-11-trillion-collection-and-impact-of-recent-rate-cuts-explained-261312

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Sant Kabir Nagar News: फर्जी फर्म के नाम से ई-वे बिल काटकर जीएसटी चोरी का आरोप https://gstitreturn.com/sant-kabir-nagar-news-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a5%87/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=sant-kabir-nagar-news-%25e0%25a4%25ab%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25ab%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25ae-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25a8%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25ae-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%25b5%25e0%25a5%2587 https://gstitreturn.com/sant-kabir-nagar-news-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a5%87/#respond Mon, 17 Aug 2026 10:04:33 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6633 संतकबीरनगर। ईंट-भट्ठा कारोबारी की फर्म के जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ई-वे बिल जारी कर जीएसटी चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर बेलहर कला पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बखिरा थाना […]

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संतकबीरनगर। ईंट-भट्ठा कारोबारी की फर्म के जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ई-वे बिल जारी कर जीएसटी चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर बेलहर कला पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बखिरा थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी इलियास अहमद का कोईलभार में ईंट-भट्ठा है। उनकी फर्म एएमएस ब्रिक फील्ड के नाम से संचालित है। इलियास अहमद के मुताबिक, उनकी जानकारी के बिना बिहार की एक फर्म द्वारा उनकी फर्म के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल करते हुए अप्रैल 2026 में चार ई-वे बिल जारी किए। इनके माध्यम से कोयले के कारोबार से संबंधित लेनदेन दर्शाया गया।

कारोबारी के अनुसार, ई-वे बिल जारी होने के बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने से संबंधित संदेश आने लगे। जानकारी करने पर उन्हें कथित फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी एसपी को दी थी।विज्ञापन

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इश्तियाक अहमद निवासी करही, थाना दुधारा और उनके पिता अशफाक अहमद वर्तमान में डेहरी आनसोन, रोहतास (बिहार) में रहते हैं। कोयले के आयात-निर्यात का कारोबार करते हैं। आरोप है कि दोनों ने बिहार की एक फर्म का इस्तेमाल करते हुए इलियास अहमद की फर्म के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और अलग-अलग वाहनों के माध्यम से ई-वे बिल जारी कर जीएसटी से संबंधित अनियमितता की।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों और अपने जीएसटी नंबर के दुरुपयोग से उसे आर्थिक क्षति हुई है। एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर हुई जांच के बाद बेलहर कला थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक रविंद्रनाथ शर्मा को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस मामले में ई-वे बिल, फर्म के दस्तावेज और संबंधित लेनदेन की जांच कर रही है।

Source : https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/sant-kabir-nagar/accusation-of-gst-evasion-by-generating-e-way-bills-in-the-name-of-a-bogus-firm-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-155656-2026-08-16

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शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार, सेंसेक्स 114 अंक चढ़ा लेकिन निफ्टी लगातार तीसरे दिन फिसला; मेटल स्टॉक्स ने किया निराश https://gstitreturn.com/%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25af%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%259c%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%2595 https://gstitreturn.com/%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/#respond Thu, 13 Aug 2026 12:20:25 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6629 भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी […]

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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। मेटल और प्राइवेट बैंक शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 40.10 अंक फिसलकर 24,395.85 पर आ गया। बाजार में तेजी और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर रही। कुल 2,088 शेयर बढ़त में और 2,052 शेयर गिरावट में बंद हुए।

मेटल स्टॉक्स में सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 1% गिरा, जबकि प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट रही। दूसरी ओर रियल्टी इंडेक्स 1% चढ़ा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45% की तेजी रही।

निफ्टी 50 के टॉप गेनर और लूजर स्टॉक्स

टॉप-5 गेनर स्टॉक्सटॉप-5 लूजर स्टॉक्स
टाटा कंज्यूमर (+2.69%)हिंडाल्को (-2.99%)
टाटा मोटर्स प्राइवेट व्हीकल (+1.92%)ICICI बैंक (-1.74%)
NTPC (+1.41%)अल्ट्रा सीमेंट (-1.56%)
हिंदुस्तान यूनिलीवर (+1.41%)ग्रासिम (-1.54%)
श्रीराम फाइनेंस (+1.35%)SBI लाइफ (-0.98%)

दबाव में दिखे ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में रहे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.28% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा कमजोर रहा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा में 0.42% और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.58% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एफएमसीजी, आईटी और मीडिया सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार की गिरावट कुछ सीमित रही।

रुपये में भी आई कमजोरी

शेयर बाजार के दबाव के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 10 पैसे गिरकर 95.43 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 1.70% घटकर 87.47 डॉलर प्रति बैरल रही, लेकिन यह स्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है।

टाटा ग्रुप के शेयरों में मिला-जुला कारोबार

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए दावेदारी नहीं करने के ऐलान के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में लगातार दूसरे दिन मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। टीसीएस 0.35% बढ़कर ₹2,358 जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 1.52% चढ़कर ₹348 पर बंद हुआ। टाटा केमिकल्स भी 0.14% बढ़कर ₹674 पर पहुंचा। दूसरी ओर, टाइटन कंपनी 1.18% गिरकर ₹5,036 और वोल्टास 0.34% टूटकर ₹1,285 पर बंद हुआ।

Source : https://www.indiatv.in/paisa/business/stock-market-closing-bell-sensex-rose-114-points-but-nifty-slipped-for-the-third-consecutive-day-metal-stocks-disappointed-2026-08-13-1237096

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Smartphone GST Cut: स्मार्टफोन पर घटेगी GST? 18% से 5% करने की सिफारिश, किसे मिलेगा फायदा? https://gstitreturn.com/smartphone-gst-cut-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-gst-18-%e0%a4%b8/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=smartphone-gst-cut-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259f%25e0%25a4%25ab%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%2598%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2597%25e0%25a5%2580-gst-18-%25e0%25a4%25b8 https://gstitreturn.com/smartphone-gst-cut-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-gst-18-%e0%a4%b8/#respond Tue, 07 Jul 2026 09:44:01 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6625 Smartphone GST Cut:ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन ने अपनी नई रिपोर्ट में सरकार से स्मार्टफोन पर GST घटाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि 25000 रुपये से सस्ते स्मार्टफोन्स पर 18 की जगह सिर्फ 5% GST लगाई जाए। इसका फायदा आम लोगों, कंपनियों और देश की अर्थव्यवस्था […]

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Smartphone GST Cut:ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन ने अपनी नई रिपोर्ट में सरकार से स्मार्टफोन पर GST घटाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि 25000 रुपये से सस्ते स्मार्टफोन्स पर 18 की जगह सिर्फ 5% GST लगाई जाए। इसका फायदा आम लोगों, कंपनियों और देश की अर्थव्यवस्था सभी को मिलेगा।

Smartphone Tax Reduction: 25 हजार से कम कीमत के स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए खुशखबरी है। दरअसल ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन (GT Bharat-PWIF) की नई रिपोर्ट में सरकार से सिफारिश की गई है कि 25,000 रुपये से सस्ते स्मार्टफोन पर जीएसटी को 18% से घटाकर सिर्फ 5 फीसदी कर दिया जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार से कहा गया है कि आज के समय में स्मार्टफोन लग्जरी नहीं बल्कि पढ़ाई, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का जरिया हैं।

ऐसे में महंगे और सस्ते स्मार्टफोन पर एक सा टैक्स लगना जरूरी नहीं है। अगर सरकार रिपोर्ट में की गई सिफारिशों को मान लेती है, तो करोड़ों आम उपभोक्ताओं और पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है।

टैक्स कम करना जरूरी क्यों?

रिपोर्ट्स के अनुसार(REF.), भारत में बिकने वाले स्मार्टफोन्स में से करीब दो-तिहाई फोन 25,000 रुपये से कम कीमत के होते हैं। इस सेगमेंट में ग्रामीण क्षेत्रों के, महिलाएं, छात्र और कम आमदनी वाले यूजर्स आते हैं। इसके अलावा देश में अभी भी 35 करोड़ लोग साधारण फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं।

ये लोग महंगे हो रहे स्मार्टफोन्स को चाह कर भी नहीं खरीद सकते हैं। ऐसे में अगर 25000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर GST 5% की जाती है, तो इस सेगमेंट के ग्राहकों के लिए फोन खरीदना आसान हो पाएगा और देश के डिजिटल विकास को रफ्तार मिलेगी।

अब जरूरत हैं स्मार्टफोन

  • इस रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि स्मार्टफोन आज के डिजिटल दौर में कोई लग्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसे बुनियादी डिजिटल ढांचे के रूप में देखा जाना चाहिए।
  • बताया गया है कि वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे पड़ोसी देशों में स्मार्टफोन्स पर बहुत कम टैक्स है। इसकी वजह से लोग आसानी से फोन खरीद पाते हैं।
  • इतना ही नहीं इससे वहां की मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती मिलती है।
  • वहीं भारत में स्मार्टफोन पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जाता है। टैक्स कम किए जाने से डिजिटल इंडिया को भारी बढ़ोत्तरी मिल सकती है।

GST कम होने से किसे होगा फायदा?

  1. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 25,000 रुपये से महंगे और प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर 18% टैक्स बरकरार रखा जाए। ऐसे में महंगे फोन की बिक्री से सरकार को टैक्स का नुक्सान नहीं होगा।
  2. इसके अलावा 25,000 रुपये से स्मार्टफोन पर टैक्स छूट देने से देश के डिजिटल बदलाव और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
  3. इससे लोगों को फायदा मिलने के साथ-साथ स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री बढ़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुुंचेगा।

Source : https://navbharattimes.indiatimes.com/tech/gadgets-news/smartphone-gst-cut-tax-reduction-online-shopping-price-cheap-budget-smartphones-india-news/articleshow/132193926.cms

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​अवांछित उछाल: जीएसटी संग्रह में तेजी https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9b%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%89%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%25b5%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%259b%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%2589%25e0%25a4%259b%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b2-%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%258f%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%2597 https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9b%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%89%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97/#respond Fri, 03 Jul 2026 09:56:30 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6619 जीएसटी संग्रह में तेजी की वजह आयातित मुद्रा स्फीति है, भारत का जून का जीएसटी संग्रह साल-दर-साल के आधार पर 13.9 फीसदी बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान आयात आईजीएसटी का रहा। आईजीएसटी में जून 2025 के मुकाबले 34.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। मई में यह वृद्धि 17.2 फीसदी की […]

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जीएसटी संग्रह में तेजी की वजह आयातित मुद्रा स्फीति है, भारत का जून का जीएसटी संग्रह साल-दर-साल के आधार पर 13.9 फीसदी बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान आयात आईजीएसटी का रहा। आईजीएसटी में जून 2025 के मुकाबले 34.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। मई में यह वृद्धि 17.2 फीसदी की थी। घरेलू जीएसटी संग्रह में 6.5 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई, जिससे पता चलता है कि कुल संग्रह में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी का कारण घरेलू स्तर पर मूल्य वर्धन में व्यापक सुधार नहीं है। कुछ अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि यह पूंजीगत सामानों (कैपिटल गुड्स) और औद्योगिक कच्चे मालों (इंडस्ट्रियल इनपुट) के ज्यादा आयात को दर्शाता है। हालांकि, मई के पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार के आंकड़े और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में आठ प्रमुख उद्योगों (कोर इंडस्ट्रीज) के प्रदर्शन के आंकड़े कुछ अलग ही बात बताते हैं। जून का जीएसटी संग्रह मई के दौरान हुई आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है। इस मई में (साल-दर-साल के आधार पर) मूल्य के हिसाब से सामानों के आयात में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की वजह से 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि बाकी हिस्सा सोने का था, जिसकी वजह से 34 फीसदी की और बढ़ोतरी हुई। पिछले साल मई और इस साल मई के बीच सोने की कीमतों में लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी से पता चलता है कि यह बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों के बजाय मुश्किल समय में बचाव (हेजिंग) का नतीजा है। सोने के आयात पर अंकुश लगाने के लिए, सरकार ने 13 मई को इसके आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी, जिससे मई में आयात जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसी दौरान, फरवरी के आखिर से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी लगभग 6 फीसदी कमजोर हुआ। इसके साथ ही, माल ढुलाई के खर्च में बढ़ोतरी और मई में ऊंची वैश्विक कीमतों पर गैर-तेल आयात में 14.5 फीसदी की वृद्धि ने जून के कर आधार को अपने-आप बढ़ा दिया। इससे पता चलता है कि आयात जीएसटी में ज्यादातर बढ़ोतरी घरेलू उत्पादन में वृद्धि के बजाय आयातित मुद्रा स्फीति और मुद्रा के अवमूल्यन की वजह से हुई है, जो ज्यादा कीमतों के कारण हुई एक अवांछित बढ़ोतरी को दर्शाता है।

भारत के आठ मुख्य उद्योगों के प्रदर्शन को अगर देखें, तो घरेलू अर्थव्यवस्था कुछ धीमी नजर आती है। इन उद्योगों में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में महज 2.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में इनमें लगभग 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरकों और बिजली के क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक ही कमजोर वृद्धि देखी गई है। एचएसबीसी मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई का 54.2 का ताजा आंकड़ा भी कारखाना आधारित गतिविधियों में स्थिरता के साथ-साथ थोड़ी सुस्ती की ओर इशारा करता है, जो पिछले 13 महीनों में विस्तार की दूसरी सबसे कम दर है। ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब भारत एक एकीकृत गंतव्य-आधारित अप्रत्यक्ष कर के तौर पर जीएसटी के नौ साल पूरे कर रहा है। सरकार कर आधार में विस्तार का हवाला दे सकती है, जो 2017 में लगभग 66 लाख करदाताओं से बढ़कर आज 1.65 करोड़ से ज्यादा करदाताओं का हो गया है। यह बेहतर अनुपालन, अपेक्षाकृत ज्यादा औपचारिकीकरण और तेजी से रिफंड मिलने को दर्शाता है। हालांकि, इनपुट कर समंजन (टैक्स क्रेडिट), कानूनी विवाद और राजस्व साझाकरण में संघीय संतुलन जैसे मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। जीएसटी ने भारत के अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को मजबूत किया है। फिर भी, जून के आंकड़े इस बात की याद दिलाते हैं कि हालिया तेजी का एक बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर मूल्य वर्धन के बजाय आयातित मुद्रा स्फीति और रुपये के अवमूल्यन की वजह से आया है।

Source : https://www.thehindu.com/hindi/editorial/unwelcome-surge-on-the-buoyancy-in-gst-collections-hindi-editorial/article71177400.ece

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