Gst It Return https://gstitreturn.com Lets Discuss Tax in India... Fri, 21 Aug 2026 09:05:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://gstitreturn.com/wp-content/uploads/2022/05/cssf-100x100.png Gst It Return https://gstitreturn.com 32 32 Explainer: GST में हुई कटौती.. कमाई तो घटनी चाहिए थी, फिर ऐसा क्या हुआ, जो जुलाई में बन गया दूसरा बड़ा रिकॉर्ड https://gstitreturn.com/explainer-gst-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%98%e0%a4%9f/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=explainer-gst-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25b9%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%258c%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%258b-%25e0%25a4%2598%25e0%25a4%259f https://gstitreturn.com/explainer-gst-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%98%e0%a4%9f/#respond Fri, 21 Aug 2026 09:02:09 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6636 GST Collection July 2026: जुलाई 2026 में भारत का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह जीएसटी इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है. हाल के महीनों में सरकार द्वारा कई अहम कैटेगरी में जीएसटी रेट कट किए जाने के बावजूद राजस्व में 15.4 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज […]

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GST Collection July 2026: जुलाई 2026 में भारत का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह जीएसटी इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन है. हाल के महीनों में सरकार द्वारा कई अहम कैटेगरी में जीएसटी रेट कट किए जाने के बावजूद राजस्व में 15.4 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज हुई है.

GST Collection July 2026: वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में भारत का जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह जुलाई 2025 के ₹1.83 लाख करोड़ के मुकाबले 15.4 प्रतिशत की मजबूत सालाना बढ़त को दिखाता है. 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक कलेक्शन है. इससे पहले अप्रैल 2026 में ₹2.43 लाख करोड़ का ऑल-टाइम रिकॉर्ड बना था.

यह टैक्स कलेक्शन बजटीय अनुमानों में तय 10 प्रतिशत की nominal GDP ग्रोथ रेट से काफी ज्यादा है. मई और जून 2026 में यह कलेक्शन ₹1.94 लाख करोड़ से ₹1.95 लाख करोड़ के बीच बना हुआ था. जुलाई के महीने में इस भारी उछाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है. सरकार ने 4 सितंबर 2025 को जीएसटी की दरों में बड़ी कटौती की थी, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार की कमाई घटेगी, लेकिन जीएसटी कलेक्शन में तो रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बन रहे हैं.

हालिया जीएसटी रेट कट और बाजार पर उसका असर!

अक्सर यह माना जाता है कि टैक्स दरें घटाने से सरकारी राजस्व कम हो जाता है, लेकिन जुलाई 2026 और पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों ने इस सोच को बदल दिया है. कुछ समय पहले सरकार ने आम जनता को राहत देने और व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कैटेगरी पर जीएसटी दरों में भारी कटौती की थी.

दरों में कटौती का मकसद दैनिक उपयोग की वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य संबंधी सामानों को सस्ता बनाना था. जब सरकार ने टैक्स दरें घटाईं, तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें कम हुईं. कीमतें घटने से ग्राहकों की खरीदारी क्षमता बढ़ी और मांग में जबरदस्त तेजी आई. बिक्री का कुल वॉल्यूम बढ़ने और पक्के बिल पर खरीदारी से सरकार को टैक्स के रूप में ज्यादा राजस्व मिला.

किस कैटेगरी में कितना घटा था जीएसटी?

कैटेगरीपहले GSTअब GST
छोटी कारें और 350cc तक के टू-व्हीलर28%18%
बस, ट्रक, थ्री-व्हीलर और ऑटो पार्ट्स28%18%
टीवी (32 इंच से बड़े LCD/LED), AC, डिशवॉशर28%18%
सीमेंट28%18%
साबुन, शैम्पू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, टेबलवेयर, साइकिल12% / 18%5%
पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, चॉकलेट, कॉफी आदि12% / 18%5%
UHT दूध, पैकेज्ड पनीर (चना/छेना), सभी भारतीय ब्रेड5% / 12%0%
ट्रैक्टर12%5%
ट्रैक्टर के टायर और पार्ट्स18%5%
हार्वेस्टर, थ्रेशर, स्प्रिंकलर, ड्रिप इरिगेशन मशीनें12%5%
बायो-पेस्टिसाइड और नेचुरल मेंथॉल12%5%
होटल (₹7,500 प्रतिदिन तक)12%5%
जिम, सैलून, बार्बर, योग सेवाएं18%5%
मैन-मेड फाइबर18%5%
मैन-मेड यार्न12%5%
हस्तशिल्प की मूर्तियां, पेंटिंग, खिलौने12%5%
ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूल ट्रे आदि12%5%
एक्सरसाइज बुक, पेंसिल, इरेज़र, क्रेयॉन, शार्पनर12%0%
33 जीवनरक्षक दवाएं और डायग्नोस्टिक किट12%0%
अन्य दवाएं (आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी सहित)12%5%
चश्मा और करेक्टिव गॉगल्स28%5%
मेडिकल ऑक्सीजन, थर्मामीटर, सर्जिकल उपकरण12–18%5%
मेडिकल, डेंटल और वेटरिनरी डिवाइस18%5%
व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम18%0%

बढ़ गई बिलिंग, रुकी टैक्स चोरी

जीएसटी रेट कट के कारण उन सेक्टरों में भी पक्के बिल बनने लगे जहां पहले बिना बिल के नकद लेन-देन ज्यादा होता था. दरों के वाजिब होने से व्यापारियों ने स्वेच्छा से सही रिटर्न भरना शुरू किया, जिससे ओवरऑल टैक्स बेस में बड़ा सुधार हुआ.

तकनीक और ई-इन्वॉइसिंग ने बदली टैक्स व्यवस्था!

टैक्स कलेक्शन में इस ऐतिहासिक उछाल का दूसरा सबसे बड़ा कारण टेक्नोलॉजी का सटीक इस्तेमाल है. जीएसटी पोर्टल पर ऑटो-पॉपुलेटेड रिटर्न्स, इन्वॉइस मैचिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावों को पकड़ने के लिए एआई आधारित डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है.

ई-वे बिल और ई-इन्वॉइसिंग की अनिवार्य व्यवस्था से टैक्स चोरी के रास्ते बंद हो गए हैं. 31 जुलाई 2026 तक केवल राज्यों के जीएसटी प्रशासन के तहत 9.6 मिलियन (96 लाख) से अधिक टैक्सपेयर रजिस्टर हो चुके हैं. इस डिजिटल पारदर्शिता का नतीजा है कि बिना टैक्स दरें बढ़ाए सरकारी खजाना लगातार भर रहा है.

आयात और रिफंड के मजबूत आंकड़े!

जुलाई 2026 के आंकड़ों का एक और दिलचस्प पहलू आयातित सामानों (Imports) पर मिलने वाला जीएसटी है. इस बार आयात पर जीएसटी कलेक्शन में 28.8 प्रतिशत की भारी उछाल दर्ज की गई है, जो घरेलू मांग और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का स्पष्ट संकेत है.

समीक्षाधीन अवधि में सरकार ने कारोबारियों को ₹29,968 करोड़ का रिफंड भी जारी किया है. यह पिछले साल की तुलना में 13.1 प्रतिशत अधिक है. समय पर रिफंड मिलने से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी (working capital) बनी रहती है और वह बिजनेस का विस्तार आसानी से कर पाते हैं.

साल भर में कितना रहा जीएसटी कलेक्शन?

अगर पिछले 12 महीनों (अगस्त 2025 से जुलाई 2026) का GST कलेक्शन देखा जाए तो पता चलता है कि इसमें सिर्फ नवंबर और दिसंबर में थोड़ी गिरावट रही, बाकी हर महीने यह जीएसटी रेट कट के वक्त के कलेक्शन से ज्यादा ही रहा है. टेबल में देखिए पिछले 12 महीनों का जीएसटी कलेक्शन.

महीनाGST कलेक्शन (₹ करोड़)
अगस्त 20251,86,000
सितंबर 20251,89,000
अक्टूबर 20251,95,936
नवंबर 20251,70,276
दिसंबर 20251,74,550
जनवरी 20261,93,384
फरवरी 20261,83,609
मार्च 20262,00,064
अप्रैल 20262,42,702
मई 20261,94,875
जून 20261,94,476
जुलाई 20262,11,205

आम जनता और कारोबारियों के लिए क्या हैं मायने!

जीएसटी संग्रह में आई इस तेजी का सीधा असर देश के आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों पर पड़ता है. जब सरकार को बेहतर अनुपालन से अधिक राजस्व प्राप्त होता है, तो आम जनता पर नए टैक्स का बोझ डालने की जरूरत नहीं पड़ती.

बढ़े हुए टैक्स कलेक्शन का इस्तेमाल देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नई सड़कों के निर्माण और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर किया जाएगा. इसके साथ ही, औपचारिक लेन-देन बढ़ने से छोटे विक्रेताओं के लिए बैंक से लोन पाना बेहद आसान हो गया है.

कारोबारियों के लिए जरूरी समय-सीमा और सावधानियां

20 अगस्त 2026 डेडलाइन: नियमित करदाताओं के लिए जुलाई महीने का GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2026 है. समय पर रिटर्न भरें, ताकि पेनल्टी से बचा जा सके.

आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल: रिटर्न दाखिल करने और चालान जनरेट करने के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल gst.gov.in का ही इस्तेमाल करें.

साइबर सुरक्षा पर ध्यान दें: किसी भी फर्जी कॉल, ईमेल या अनधिकृत ऐप पर अपना जीएसटीिन (GSTIN) पासवर्ड या बैंक विवरण साझा न करें.

ई-वे बिल नियमों का पालन: 50,000 रुपये से अधिक के सामान के परिवहन पर ई-वे बिल समय पर जनरेट करें.

Conclusion

जुलाई 2026 में ₹2.11 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाता है. सरकार द्वारा हाल में किए गए जीएसटी रेट कट और सख्त तकनीकी अनुपालन ने मिलकर एक बेहतरीन संतुलन बनाया है. इससे ग्राहकों को सस्ती चीजें मिली हैं और सरकार का राजस्व भी बढ़ा है. सभी कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे 20 अगस्त 2026 की समय-सीमा से पहले अपना मासिक रिटर्न जरूर जमा करें.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 जुलाई 2026 में कुल कितना जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया है?

जुलाई 2026 में कुल ₹2.11 लाख करोड़ का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया.

Q2 जीएसटी रेट कट का कुल टैक्स कलेक्शन पर क्या असर पड़ा है?

रेट कट से मांग और बिक्री का वॉल्यूम बढ़ा, जिससे कुल टैक्स कलेक्शन में तेजी आई.

Q3 जुलाई 2026 में सरकार ने कितना जीएसटी रिफंड जारी किया है?

जुलाई 2026 में सरकार की तरफ से कुल ₹29,968 करोड़ का जीएसटी रिफंड जारी किया गया.

Q4 कारोबारियों के लिए अगला GSTR-3B रिटर्न भरने की आखिरी तारीख क्या है?

जुलाई महीने का मासिक GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2026 है.

Q5 जीएसटी इतिहास में सबसे उच्चतम मासिक कलेक्शन का रिकॉर्ड किस महीने का है?

जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अप्रैल 2026 में ₹2.43 लाख करोड़ का रहा है.

Source: https://www.zeebiz.com/hindi/personal-finance/gst-collection-july-2026-record-rs-2-11-trillion-collection-and-impact-of-recent-rate-cuts-explained-261312

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Sant Kabir Nagar News: फर्जी फर्म के नाम से ई-वे बिल काटकर जीएसटी चोरी का आरोप https://gstitreturn.com/sant-kabir-nagar-news-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a5%87/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=sant-kabir-nagar-news-%25e0%25a4%25ab%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25ab%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25ae-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25a8%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25ae-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%25b5%25e0%25a5%2587 https://gstitreturn.com/sant-kabir-nagar-news-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a5%87/#respond Mon, 17 Aug 2026 10:04:33 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6633 संतकबीरनगर। ईंट-भट्ठा कारोबारी की फर्म के जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ई-वे बिल जारी कर जीएसटी चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर बेलहर कला पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बखिरा थाना […]

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संतकबीरनगर। ईंट-भट्ठा कारोबारी की फर्म के जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ई-वे बिल जारी कर जीएसटी चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर बेलहर कला पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बखिरा थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी इलियास अहमद का कोईलभार में ईंट-भट्ठा है। उनकी फर्म एएमएस ब्रिक फील्ड के नाम से संचालित है। इलियास अहमद के मुताबिक, उनकी जानकारी के बिना बिहार की एक फर्म द्वारा उनकी फर्म के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल करते हुए अप्रैल 2026 में चार ई-वे बिल जारी किए। इनके माध्यम से कोयले के कारोबार से संबंधित लेनदेन दर्शाया गया।

कारोबारी के अनुसार, ई-वे बिल जारी होने के बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने से संबंधित संदेश आने लगे। जानकारी करने पर उन्हें कथित फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी एसपी को दी थी।विज्ञापन

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इश्तियाक अहमद निवासी करही, थाना दुधारा और उनके पिता अशफाक अहमद वर्तमान में डेहरी आनसोन, रोहतास (बिहार) में रहते हैं। कोयले के आयात-निर्यात का कारोबार करते हैं। आरोप है कि दोनों ने बिहार की एक फर्म का इस्तेमाल करते हुए इलियास अहमद की फर्म के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और अलग-अलग वाहनों के माध्यम से ई-वे बिल जारी कर जीएसटी से संबंधित अनियमितता की।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों और अपने जीएसटी नंबर के दुरुपयोग से उसे आर्थिक क्षति हुई है। एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर हुई जांच के बाद बेलहर कला थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक रविंद्रनाथ शर्मा को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस मामले में ई-वे बिल, फर्म के दस्तावेज और संबंधित लेनदेन की जांच कर रही है।

Source : https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/sant-kabir-nagar/accusation-of-gst-evasion-by-generating-e-way-bills-in-the-name-of-a-bogus-firm-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-155656-2026-08-16

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शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार, सेंसेक्स 114 अंक चढ़ा लेकिन निफ्टी लगातार तीसरे दिन फिसला; मेटल स्टॉक्स ने किया निराश https://gstitreturn.com/%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25af%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%259c%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%2595 https://gstitreturn.com/%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/#respond Thu, 13 Aug 2026 12:20:25 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6629 भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी […]

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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। मेटल और प्राइवेट बैंक शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 40.10 अंक फिसलकर 24,395.85 पर आ गया। बाजार में तेजी और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर रही। कुल 2,088 शेयर बढ़त में और 2,052 शेयर गिरावट में बंद हुए।

मेटल स्टॉक्स में सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 1% गिरा, जबकि प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट रही। दूसरी ओर रियल्टी इंडेक्स 1% चढ़ा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45% की तेजी रही।

निफ्टी 50 के टॉप गेनर और लूजर स्टॉक्स

टॉप-5 गेनर स्टॉक्सटॉप-5 लूजर स्टॉक्स
टाटा कंज्यूमर (+2.69%)हिंडाल्को (-2.99%)
टाटा मोटर्स प्राइवेट व्हीकल (+1.92%)ICICI बैंक (-1.74%)
NTPC (+1.41%)अल्ट्रा सीमेंट (-1.56%)
हिंदुस्तान यूनिलीवर (+1.41%)ग्रासिम (-1.54%)
श्रीराम फाइनेंस (+1.35%)SBI लाइफ (-0.98%)

दबाव में दिखे ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में रहे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.28% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा कमजोर रहा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा में 0.42% और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.58% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एफएमसीजी, आईटी और मीडिया सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार की गिरावट कुछ सीमित रही।

रुपये में भी आई कमजोरी

शेयर बाजार के दबाव के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 10 पैसे गिरकर 95.43 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 1.70% घटकर 87.47 डॉलर प्रति बैरल रही, लेकिन यह स्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है।

टाटा ग्रुप के शेयरों में मिला-जुला कारोबार

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए दावेदारी नहीं करने के ऐलान के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में लगातार दूसरे दिन मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। टीसीएस 0.35% बढ़कर ₹2,358 जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 1.52% चढ़कर ₹348 पर बंद हुआ। टाटा केमिकल्स भी 0.14% बढ़कर ₹674 पर पहुंचा। दूसरी ओर, टाइटन कंपनी 1.18% गिरकर ₹5,036 और वोल्टास 0.34% टूटकर ₹1,285 पर बंद हुआ।

Source : https://www.indiatv.in/paisa/business/stock-market-closing-bell-sensex-rose-114-points-but-nifty-slipped-for-the-third-consecutive-day-metal-stocks-disappointed-2026-08-13-1237096

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Smartphone GST Cut: स्मार्टफोन पर घटेगी GST? 18% से 5% करने की सिफारिश, किसे मिलेगा फायदा? https://gstitreturn.com/smartphone-gst-cut-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-gst-18-%e0%a4%b8/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=smartphone-gst-cut-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259f%25e0%25a4%25ab%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%2598%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2597%25e0%25a5%2580-gst-18-%25e0%25a4%25b8 https://gstitreturn.com/smartphone-gst-cut-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-gst-18-%e0%a4%b8/#respond Tue, 07 Jul 2026 09:44:01 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6625 Smartphone GST Cut:ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन ने अपनी नई रिपोर्ट में सरकार से स्मार्टफोन पर GST घटाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि 25000 रुपये से सस्ते स्मार्टफोन्स पर 18 की जगह सिर्फ 5% GST लगाई जाए। इसका फायदा आम लोगों, कंपनियों और देश की अर्थव्यवस्था […]

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Smartphone GST Cut:ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन ने अपनी नई रिपोर्ट में सरकार से स्मार्टफोन पर GST घटाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि 25000 रुपये से सस्ते स्मार्टफोन्स पर 18 की जगह सिर्फ 5% GST लगाई जाए। इसका फायदा आम लोगों, कंपनियों और देश की अर्थव्यवस्था सभी को मिलेगा।

Smartphone Tax Reduction: 25 हजार से कम कीमत के स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए खुशखबरी है। दरअसल ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन (GT Bharat-PWIF) की नई रिपोर्ट में सरकार से सिफारिश की गई है कि 25,000 रुपये से सस्ते स्मार्टफोन पर जीएसटी को 18% से घटाकर सिर्फ 5 फीसदी कर दिया जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार से कहा गया है कि आज के समय में स्मार्टफोन लग्जरी नहीं बल्कि पढ़ाई, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का जरिया हैं।

ऐसे में महंगे और सस्ते स्मार्टफोन पर एक सा टैक्स लगना जरूरी नहीं है। अगर सरकार रिपोर्ट में की गई सिफारिशों को मान लेती है, तो करोड़ों आम उपभोक्ताओं और पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है।

टैक्स कम करना जरूरी क्यों?

रिपोर्ट्स के अनुसार(REF.), भारत में बिकने वाले स्मार्टफोन्स में से करीब दो-तिहाई फोन 25,000 रुपये से कम कीमत के होते हैं। इस सेगमेंट में ग्रामीण क्षेत्रों के, महिलाएं, छात्र और कम आमदनी वाले यूजर्स आते हैं। इसके अलावा देश में अभी भी 35 करोड़ लोग साधारण फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं।

ये लोग महंगे हो रहे स्मार्टफोन्स को चाह कर भी नहीं खरीद सकते हैं। ऐसे में अगर 25000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर GST 5% की जाती है, तो इस सेगमेंट के ग्राहकों के लिए फोन खरीदना आसान हो पाएगा और देश के डिजिटल विकास को रफ्तार मिलेगी।

अब जरूरत हैं स्मार्टफोन

  • इस रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि स्मार्टफोन आज के डिजिटल दौर में कोई लग्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसे बुनियादी डिजिटल ढांचे के रूप में देखा जाना चाहिए।
  • बताया गया है कि वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे पड़ोसी देशों में स्मार्टफोन्स पर बहुत कम टैक्स है। इसकी वजह से लोग आसानी से फोन खरीद पाते हैं।
  • इतना ही नहीं इससे वहां की मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती मिलती है।
  • वहीं भारत में स्मार्टफोन पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जाता है। टैक्स कम किए जाने से डिजिटल इंडिया को भारी बढ़ोत्तरी मिल सकती है।

GST कम होने से किसे होगा फायदा?

  1. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 25,000 रुपये से महंगे और प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर 18% टैक्स बरकरार रखा जाए। ऐसे में महंगे फोन की बिक्री से सरकार को टैक्स का नुक्सान नहीं होगा।
  2. इसके अलावा 25,000 रुपये से स्मार्टफोन पर टैक्स छूट देने से देश के डिजिटल बदलाव और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
  3. इससे लोगों को फायदा मिलने के साथ-साथ स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री बढ़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुुंचेगा।

Source : https://navbharattimes.indiatimes.com/tech/gadgets-news/smartphone-gst-cut-tax-reduction-online-shopping-price-cheap-budget-smartphones-india-news/articleshow/132193926.cms

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​अवांछित उछाल: जीएसटी संग्रह में तेजी https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9b%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%89%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%25b5%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%259b%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%2589%25e0%25a4%259b%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b2-%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%258f%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%259f%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%2597 https://gstitreturn.com/%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9b%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%89%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97/#respond Fri, 03 Jul 2026 09:56:30 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6619 जीएसटी संग्रह में तेजी की वजह आयातित मुद्रा स्फीति है, भारत का जून का जीएसटी संग्रह साल-दर-साल के आधार पर 13.9 फीसदी बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान आयात आईजीएसटी का रहा। आईजीएसटी में जून 2025 के मुकाबले 34.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। मई में यह वृद्धि 17.2 फीसदी की […]

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जीएसटी संग्रह में तेजी की वजह आयातित मुद्रा स्फीति है, भारत का जून का जीएसटी संग्रह साल-दर-साल के आधार पर 13.9 फीसदी बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान आयात आईजीएसटी का रहा। आईजीएसटी में जून 2025 के मुकाबले 34.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। मई में यह वृद्धि 17.2 फीसदी की थी। घरेलू जीएसटी संग्रह में 6.5 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई, जिससे पता चलता है कि कुल संग्रह में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी का कारण घरेलू स्तर पर मूल्य वर्धन में व्यापक सुधार नहीं है। कुछ अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि यह पूंजीगत सामानों (कैपिटल गुड्स) और औद्योगिक कच्चे मालों (इंडस्ट्रियल इनपुट) के ज्यादा आयात को दर्शाता है। हालांकि, मई के पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार के आंकड़े और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में आठ प्रमुख उद्योगों (कोर इंडस्ट्रीज) के प्रदर्शन के आंकड़े कुछ अलग ही बात बताते हैं। जून का जीएसटी संग्रह मई के दौरान हुई आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है। इस मई में (साल-दर-साल के आधार पर) मूल्य के हिसाब से सामानों के आयात में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की वजह से 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि बाकी हिस्सा सोने का था, जिसकी वजह से 34 फीसदी की और बढ़ोतरी हुई। पिछले साल मई और इस साल मई के बीच सोने की कीमतों में लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी से पता चलता है कि यह बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों के बजाय मुश्किल समय में बचाव (हेजिंग) का नतीजा है। सोने के आयात पर अंकुश लगाने के लिए, सरकार ने 13 मई को इसके आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी, जिससे मई में आयात जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसी दौरान, फरवरी के आखिर से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी लगभग 6 फीसदी कमजोर हुआ। इसके साथ ही, माल ढुलाई के खर्च में बढ़ोतरी और मई में ऊंची वैश्विक कीमतों पर गैर-तेल आयात में 14.5 फीसदी की वृद्धि ने जून के कर आधार को अपने-आप बढ़ा दिया। इससे पता चलता है कि आयात जीएसटी में ज्यादातर बढ़ोतरी घरेलू उत्पादन में वृद्धि के बजाय आयातित मुद्रा स्फीति और मुद्रा के अवमूल्यन की वजह से हुई है, जो ज्यादा कीमतों के कारण हुई एक अवांछित बढ़ोतरी को दर्शाता है।

भारत के आठ मुख्य उद्योगों के प्रदर्शन को अगर देखें, तो घरेलू अर्थव्यवस्था कुछ धीमी नजर आती है। इन उद्योगों में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में महज 2.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में इनमें लगभग 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरकों और बिजली के क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक ही कमजोर वृद्धि देखी गई है। एचएसबीसी मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई का 54.2 का ताजा आंकड़ा भी कारखाना आधारित गतिविधियों में स्थिरता के साथ-साथ थोड़ी सुस्ती की ओर इशारा करता है, जो पिछले 13 महीनों में विस्तार की दूसरी सबसे कम दर है। ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब भारत एक एकीकृत गंतव्य-आधारित अप्रत्यक्ष कर के तौर पर जीएसटी के नौ साल पूरे कर रहा है। सरकार कर आधार में विस्तार का हवाला दे सकती है, जो 2017 में लगभग 66 लाख करदाताओं से बढ़कर आज 1.65 करोड़ से ज्यादा करदाताओं का हो गया है। यह बेहतर अनुपालन, अपेक्षाकृत ज्यादा औपचारिकीकरण और तेजी से रिफंड मिलने को दर्शाता है। हालांकि, इनपुट कर समंजन (टैक्स क्रेडिट), कानूनी विवाद और राजस्व साझाकरण में संघीय संतुलन जैसे मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। जीएसटी ने भारत के अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को मजबूत किया है। फिर भी, जून के आंकड़े इस बात की याद दिलाते हैं कि हालिया तेजी का एक बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर मूल्य वर्धन के बजाय आयातित मुद्रा स्फीति और रुपये के अवमूल्यन की वजह से आया है।

Source : https://www.thehindu.com/hindi/editorial/unwelcome-surge-on-the-buoyancy-in-gst-collections-hindi-editorial/article71177400.ece

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ढाई महीने का युद्ध और 42 महीने की ऊंचाई पर पहुंची महंगाई दर, फ्यूल ने बढ़ाई टेंशन, WPI सीधे 3.80% से बढ़कर 8.30% https://gstitreturn.com/%e0%a4%a2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%94%e0%a4%b0-42-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25a2%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2588-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25b9%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25a8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%25af%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a7-%25e0%25a4%2594%25e0%25a4%25b0-42-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25b9%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25a8 https://gstitreturn.com/%e0%a4%a2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%94%e0%a4%b0-42-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8/#respond Thu, 14 May 2026 11:55:42 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6614 WPI Inflation: अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर यानी WPI (Wholesale Price Index) 42 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. खास बात यह रही कि फ्यूल एंड पावर कैटेगरी में तेज उछाल देखने को मिला, जबकि प्राइमरी आर्टिकल्स और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई भी बढ़ी है. WPI Inflation: ढाई महीनों से दुनिया भर […]

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WPI Inflation: अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर यानी WPI (Wholesale Price Index) 42 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. खास बात यह रही कि फ्यूल एंड पावर कैटेगरी में तेज उछाल देखने को मिला, जबकि प्राइमरी आर्टिकल्स और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई भी बढ़ी है.

WPI Inflation: ढाई महीनों से दुनिया भर में बने तनाव और सप्लाई की चिंताओं का असर अब धीरे-धीरे जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. गुरुवार को थोक महंगाई के नंबर आए हैं, जोकि हैरान करने वाले हैं.

अप्रैल महीने में थोक महंगाई दर यानी WPI (Wholesale Price Index) 42 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. खास बात यह रही कि फ्यूल एंड पावर कैटेगरी में तेज उछाल देखने को मिला, जबकि प्राइमरी आर्टिकल्स और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई भी बढ़ी है. इससे आने वाले समय में कंपनियों की लागत बढ़ने और आम लोगों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है.

कितनी बढ़ी है थोक महंगाई?

अप्रैल में WPI महंगाई दर बढ़कर 8.30% पर पहुंच गई, जो पिछले महीने 3.88% थी. यानी सिर्फ एक महीने में महंगाई में बड़ा उछाल देखने को मिला. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ऊर्जा और कच्चे माल की कीमतों में तेजी की वजह से आई है.

WPI Inflation

फ्यूल और पावर सबसे ज्यादा महंगे

फ्यूल एंड पावर कैटेगरी में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज हुई. इस श्रेणी की महंगाई दर 1.05% से बढ़कर सीधे 24.71% पर पहुंच गई. पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर अब घरेलू लागत पर भी दिखाई देने लगा है.

खाद्य महंगाई दर भी बढ़कर 2.31% हो गई, जो पिछले महीने 1.85% थी. हालांकि इसमें बढ़ोतरी सीमित रही, लेकिन लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल सकती हैं.

प्राइमरी आर्टिकल्स यानी कच्चे उत्पादों की महंगाई दर 6.36% से बढ़कर 9.17% हो गई. इससे इंडस्ट्री की इनपुट कॉस्ट बढ़ने की आशंका है. वहीं मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की WPI भी 3.39% से बढ़कर 4.42% हो गई, जो यह संकेत देती है कि कंपनियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है.

मैन्युफैक्चरिंग पर क्या पड़ा असर?

मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स, जिनका WPI में सबसे बड़ा 64.23% वेटेज है, उसमें भी अप्रैल में 1.40% की बढ़ोतरी हुई. इंडेक्स मार्च के 149.5 से बढ़कर 151.6 पर पहुंच गया. 22 में से 21 मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप्स में कीमतें बढ़ीं. बेसिक मेटल्स, केमिकल्स, टेक्सटाइल्स, फूड प्रोडक्ट्स और मशीनरी एंड इक्विपमेंट जैसी कैटेगरी में अच्छी-खासी महंगाई देखने को मिली. सिर्फ ‘Other Manufacturing’ ग्रुप में कीमतों में गिरावट आई.

थोक महंगाई में इस तेजी का असर आने वाले महीनों में रिटेल महंगाई और कंपनियों की लागत पर भी देखने को मिल सकता है. खासकर अगर कच्चा तेल और फ्यूल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इसका असर FMCG, ऑटो, सीमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पड़ सकता है. इससे ब्याज दरों और बाजार के सेंटीमेंट पर भी दबाव बढ़ सकता है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 WPI यानी थोक महंगाई क्या होती है?

WPI (Wholesale Price Index) उन कीमतों को मापता है, जिन पर सामान थोक बाजार में खरीदे और बेचे जाते हैं. इससे देश में प्रोड्यूसर लेवल पर महंगाई का अंदाजा मिलता है.

Q2 अप्रैल में थोक महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

फ्यूल एंड पावर कैटेगरी में तेज बढ़ोतरी, खासकर कच्चे तेल और मिनरल ऑयल्स की कीमतों में उछाल, महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह रही.

Q3 क्या WPI बढ़ने का असर आम लोगों पर भी पड़ता है?

हां. जब थोक स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं, तो कंपनियों की लागत बढ़ती है और आगे चलकर इसका असर रिटेल कीमतों पर भी पड़ सकता है.

Q4 किन सेक्टर्स पर ज्यादा असर पड़ सकता है?

ऑटो, FMCG, सीमेंट, केमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इनपुट कॉस्ट बढ़ने का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है.

Q5 क्या बढ़ती थोक महंगाई से ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है?

अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रहती है, तो RBI भविष्य में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है.

Source : https://www.zeebiz.com/hindi/economy/wpi-inflation-at-42-months-high-up-8-30-percent-from-3-80-percent-fuel-and-power-most-impacted-255357

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YEIDA स्कीम: पजेशन के वक्त बदल सकता है प्लॉट का साइज, नहीं मिलेगी सरेंडर की छूट, जानिए 10% का यह नियम https://gstitreturn.com/yeida-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%b8/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=yeida-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25ae-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b6%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25b5%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25b2-%25e0%25a4%25b8 https://gstitreturn.com/yeida-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%b8/#respond Tue, 28 Apr 2026 12:11:50 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6608 YEIDA Plot Scheme: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जेवर एयरपोर्ट के पास 973 प्लॉट स्कीम लॉन्च की है. जानिए क्या है इसमें प्लॉट के साइज से जुड़े नियम.जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने सेक्टर 15C, 18 और 24A में कुल 973 प्लॉटों की नई स्कीम योजना लॉन्च […]

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YEIDA Plot Scheme: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जेवर एयरपोर्ट के पास 973 प्लॉट स्कीम लॉन्च की है. जानिए क्या है इसमें प्लॉट के साइज से जुड़े नियम.
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने सेक्टर 15C, 18 और 24A में कुल 973 प्लॉटों की नई स्कीम योजना लॉन्च की है. इस योजना के लिए फिलहाल आवेदन चल रहे हैं. YEIDA की इस स्कीम के ब्रोशर में पजेशन के वक्त प्लॉट के साइज में होने वले बदलाव और उससे जुड़े सरेंडर के ऑप्शन से संबंधित नियम साफ बताया है. ऐसे में यदि आप भी इस स्कीम के तहत आवेदन कर रहे हैं तो आपको 10 फीसदी साइज वेरिएशन के नियम को जानना बेहद जरूरी है.

घट या फिर बढ़ सकते हैं प्लॉट के साइज

YEIDA के ब्रोशर के नियमों के मुताबिक प्लॉट का पजेशन सौंपते वक्त आवंटित प्लॉट के साइज में बढ़ोतरी या कमी हो सकती है. इस स्थिति में प्लॉट की कीमत भी नए साइज के अनुपात में कम या ज्यादा हो सकती है.

नहीं होगा प्लॉट सरेंडर का अधिकार

  • ब्रोशर के मुताबिक अगर पजेशन के वक्त प्लॉट के एरिया में 10 फीसदी या उससे कम का बदलाव होता है, तो आवंटी को इसी आधार पर अपनी प्लॉट सरेंडर करना का कोई अधिकार नहीं होगी.
  • आवंटी को बदला हुआ साइज और उसकी कीमत को स्वीकार करनी हो पड़ेगी.
  • प्लॉट के एरिया में 10% से ज्यादा का बदलाव निकलता है, तभी आवंटी के पास यह ऑप्शन होगा कि वह इस आवंटन को अस्वीकार कर दे और प्लॉट सरेंडर कर दे.

प्लॉट का साइज, कीमत और रजिस्ट्रेशन फीस

प्लॉट का साइज (वर्ग मीटर)कुल प्लॉट्सप्रीमियम दररजिस्ट्रेशन फीस (SC/ST)रजिस्ट्रेशन फीस (Others)
162476₹36,260 प्रति वर्ग मीटर₹2,93,706₹5,87,412
1834₹36,260 प्रति वर्ग मीटर₹3,31,779₹6,63,558
1844₹36,260 प्रति वर्ग मीटर₹3,33,592₹6,67,184
200481₹36,260 प्रति वर्ग मीटर₹3,62,600₹7,25,200
2236₹36,260 प्रति वर्ग मीटर₹4,04,299₹8,08,598
2902₹36,260 प्रति वर्ग मीटर₹5,25,770₹1,05,15,40
Alloted area

सोर्स: YEIDA ब्रोशर

एरिया वेरिएंशन से जुड़े नियम

YEIDA ब्रोशर के मुताबिक अगर 10 फीसदी से ज्यादा एरिया वेरिएशन के कारण आवंटी प्लॉट सरेंडर करने का विकल्प चुनता है, तो अथॉरिटी 10,000 रुपए की राशि प्रोसेसिंग फीस के तौर पर काटेगा.

बिना ब्याज वापस कर दी जाएगी रकम

  • आवंटी द्वारा जमा की गई बाकी बची हुई रकम बिना ब्याज के वापस कर दी जाएगी.
  • अगर लीज प्लान मिलने के बाद प्लॉट का एरिया बढ़ हुआ निकलता है तो उस अतिरिक्त एरिया के लिए आवंटी को चेकलिस्ट जारी होने के वक्त चल रही मौजूदा दरों के हिसाब से एकमुश्त फीस देनी होगी.
  • यीडा की इस स्कीम में प्लॉट को आवंटी के द्वारा बिना किसी शर्त के जैसी है, जहां है की स्थिति में आधार पर स्वीकार करना होगा.

स्कीम से जुड़ी अहम तारीख

डीटेल्सतारीख
स्कीम खुलने की तारीख06.04.2026
स्कीम बंद होने की तारीख06.05.2026
अलॉटमेंट का तरीकाड्रॉ के आधार पर
ड्रॉ की तारीख18.06.2026

36,260 रुपए प्रति वर्ग मीटर रेट

स्कीम के तहत YEIDA ने प्लॉट्स के लिए जमीन की दर 36,260 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय की गई है. योजना के तहत प्लॉट के साइज 162, 183, 184, 200, 223 और 290 वर्ग मीटर तय किए गए हैं. सफल आवंटियों को अलॉटमेंट लेटर जारी होने के दो महीने के अंदर कुल प्रीमियम का 100 फीसदी भुगतान करना होगा. असाधारण परिस्थितियों में अथॉरिटी 30 दिनों का एक्सटेंशन दे सकती है. हालांकि, इसके लिए 13.50 फीसदी सालाना की दर से ब्याज चुकाना होगा.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: YEIDA प्लॉट स्कीम के तहत आवंटन कैसे होगा?

जवाब:
 YEDIA प्लॉट स्कीम के तहत आवंटन ड्रॉ के आधार पर होगा.

सवाल: क्या प्लॉट स्कीम में जॉइंट आवेदन किया जा सकता है?

जवाब:
 प्लॉट स्कीम में केवल पति और पत्नी जॉइंट आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, दोनों को प्लॉट मिलने पर एक को सरेंडर करना होगा.

सवाल: क्या स्कीम के तहत कोई आरक्षण की व्यवस्था भी है?

जवाब:
 YEIDA प्लॉट स्कीम के तहत किसान को 17.5 फीसदी आरक्षण दिया है.

सवाल: योजना में रजिस्ट्रेशन का पैसा ऑफलाइन जमा कर सकते हैं?

जवाब:
 योजना के तहत रजिस्ट्रेशन फीस केवल ऑनलाइन जमा होगी. ऑफलाइन भुगतान की सुविधा नहीं है.

सवाल: क्या आवंटी को कोई अतिरिक्त पैसा देना होगा?

जवाब: ग्रीन फेसिंग और पार्क फेसिंग के लिए अतिरिक्त लोकेशन चार्ज देना होगा.

Source : https://www.zeebiz.com/hindi/real-estate/yeida-plot-scheme-all-you-need-to-know-about-variation-and-surrender-rules-and-regulation-254221

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गाड़ियों की डिमांड हो रही कम, फिर भी इस कंपनी ने बढ़ा दिए कारों के दाम https://gstitreturn.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2597%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25a1%25e0%25a4%25bc%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25af%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25a1%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25a1-%25e0%25a4%25b9%25e0%25a5%258b-%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25b9%25e0%25a5%2580 https://gstitreturn.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80/#respond Sat, 18 Apr 2026 11:54:28 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6604 Citroen Cars Price Hike In India: साल 2026 की शुरुआत में काफी सारी कंपनियों ने अपनी कारों के दाम बढ़ाए और इसी कड़ी में खबर आ रही है कि सिट्रोएन इंडिया ने भी अपनी सी3, एयरक्रॉस और बसाल्ट जैसी पॉपुलर कारों की कीमतों में इजाफा किया है। Citroen Cars New Prices: नया साल हमेशा कार बायर्स के […]

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Citroen Cars Price Hike In India: साल 2026 की शुरुआत में काफी सारी कंपनियों ने अपनी कारों के दाम बढ़ाए और इसी कड़ी में खबर आ रही है कि सिट्रोएन इंडिया ने भी अपनी सी3, एयरक्रॉस और बसाल्ट जैसी पॉपुलर कारों की कीमतों में इजाफा किया है।

Citroen Cars New Prices: नया साल हमेशा कार बायर्स के लिए प्राइस हाइक की खबरें लेकर आता है और यह रिवायत इस साल भी बरकरार रही, जब काफी सारी कंपनियों ने अपनी कारों के दाम बढ़ाए। अब सिट्रोएन इंडिया ने भी अपनी कारों के दाम में बढ़ोतरी कर दी है और प्राइस हाइक का असर सी3 हैचबैक, बसाल्ट कूपे और एयरक्रॉस एसयूवी पर पड़ा है। मॉडल और वेरिएंट के आधार पर इन कारों के दाम में 20 हजार रुपये से लेकर 45000 रुपये तक का इजाफा किया गया है।

सिट्रोएन के लिए दिसंबर 2025 रहा अच्छा

सिट्रोएन इंडिया की कारों की प्राइस हाइक के बारे में विस्तार से बताने से पहले आपको बता दें कि भारतीय बाजार में इस कंपनी को उतनी सफलता नहीं मिली, जितनी उम्मीद थी, लेकिन दिसंबर 2025 इसके लिए अच्छा रहा। बीते महीने, यानी दिसंबर 2025 में कुल 1190 कारें बेचीं, जो कि 110 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी के साथ है। इनमें सी3 हैचबैक टॉप सेलिंग थी और इसे 886 ग्राहकों ने खरीदा। इसके बाद सी3 एयरक्रॉस की 167 यूनिट, बसाल्ट की 104 यूनिट और सी5 एयरक्रॉस की सिर्फ एक यूनिट बिकी। ऐसे में अब अपनी तीन पॉपुलर कारों के दाम बढ़ाकर कंपनी ने ग्राहकों को झटका दे दिया है। माना जा रहा है कि इनपुट कॉस्ट बढ़ने को प्राइस में बढ़ोतरी की गई है।

Citroen C3 की नई कीमतें

अब आपको सिट्रोएन की टॉप सेलिंग कार सी3 की प्राइस हाइक के बारे में बताएं तो इस हैचबैक की एक्स शोरूम प्राइस में 15 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है और अब नई एक्स शोरूम प्राइस 4.95 लाख रुपये से शुरू होकर 9.45 लाख रुपये तक जाती है। यह हैचबैक लिव, फील और शाइन जैसे ट्रिम ऑप्शन में है।

Citroen Basalt की नई कीमतें

सिट्रोएन की भारतीय बाजार में पॉपुलर कूपे एसयूवी बसाल्ट की कीमतों में 20 हजार रुपये से लेकर 45 हजार रुपये तक का इजाफा किया गया है। ऐसे में अब सिट्रोएन बसाल्ट की एक्स शोरूम प्राइस 8.15 लाख रुपये से शुरू होकर 13.35 लाख रुपये तक जाती है। बसाल्ट के यू, प्लस और मैक्स जैसे ट्रिम में कुल वेरिएंट्स हैं।

Citroen C3 Aircross की नई कीमतें

सिट्रोएन की भारतीय बाजार में किफायती मिडसाइज एसयूवी सी3 एयरक्रॉस की कीमतों में 20 हजार रुपये से लेकर 45 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। अब आपको यह एसयूवी 8.49 लाख रुपये की शुरुआती एक्स शोरूम प्राइस से लेकर 13.94 लाख रुपये तक में मिल जाएगी। सिट्रोएन एयरक्रॉस के यू, प्लस और मैक्स जैसे ट्रिम में कुल 7 वेरिएंट्स हैं।

Source : https://navbharattimes.indiatimes.com/auto/car-bikes/citroen-india-hikes-prices-of-c3-basalt-and-aircross-despite-of-lower-demand/articleshow/127799252.cms#google_vignette

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Stock Market Highlights: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 1264 और निफ्टी में 389 अंकों की उछाल https://gstitreturn.com/stock-market-highlights-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a4/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=stock-market-highlights-%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25af%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%259c%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25a4 https://gstitreturn.com/stock-market-highlights-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a4/#respond Wed, 15 Apr 2026 11:36:56 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6601 एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स आज 388.65 अंक (1.63 प्रतिशत) टूटकर 24,231.30 अंकों पर बंद हुआ। Stock Market Highlights 15 April 2026: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह के लिए दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीद की जा रही है और इस उम्मीद का आज घरेलू शेयर बाजार पर पॉजिटिव प्रभाव देखने को मिला। बुधवार को […]

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एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स आज 388.65 अंक (1.63 प्रतिशत) टूटकर 24,231.30 अंकों पर बंद हुआ।

Stock Market Highlights 15 April 2026: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह के लिए दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीद की जा रही है और इस उम्मीद का आज घरेलू शेयर बाजार पर पॉजिटिव प्रभाव देखने को मिला। बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 1263.67 अंकों (1.64 प्रतिशत) की तेजी के साथ 78,111.24 अंकों पर बंद हुआ। जबकि, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी आज 388.65 अंक (1.63 प्रतिशत) टूटकर 24,231.30 अंकों पर बंद हुआ। बताते चलें कि आज बाजार ने लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कारोबार की शुरुआत की थी। सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और मंगलवार को भीम राव अंबेडकर जयंती के अवसर पर बाजार बंद थे।

इंडिगो के शेयरों में बंपर तेजी

आज सेंसेक्स की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की 2 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 50 की भी 50 में से 45 कंपनियों के शेयर तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की 5 कंपनी के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल इंडिगो के शेयर आज सबसे ज्यादा 4.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि, भारती एयरटेल के शेयर सबसे ज्यादा 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

एटरनल, पावर ग्रिड समेत इन स्टॉक्स में जोरदार तेजी

सेंसेक्स की बाकी कंपनियों में आज एटरनल के शेयर 4.36 प्रतिशत, पावर ग्रिड 4.11 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 3.33 प्रतिशत, टीसीएस 3.31 प्रतिशत, एलएंटडी 3.08 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 3.00 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स 2.83 प्रतिशत, ट्रेंट 2.61 प्रतिशत, सन फार्मा 2.60 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक 2.59 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.35 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.26 प्रतिशत, इन्फोसिस 2.18 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 2.14 प्रतिशत, टाइटन 1.99 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 1.97 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 1.65 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 1.54 प्रतिशत, एनटीपीसी 1.51 प्रतिशत, एचसीएल टेक 1.50 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.36 प्रतिशत, बीईएल 1.34 प्रतिशत, आईटीसी 1.16 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.11 प्रतिशत, टाटा स्टील 1.09 प्रतिशत, एसबीआई 0.73 प्रतिशत और एक्सिस बैंक के शेयर 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।

लाल निशान में बंद हुए ये दो स्टॉक

वहीं दूसरी ओर, बुधवार को भारती एयरटेल के शेयर 0.64 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

Source : https://www.indiatv.in/paisa/market/stock-market-highlights-15-april-2026-strong-rally-in-stock-market-sensex-jumps-1-264-points-nifty-rises-389-points-2026-04-15-1211680

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Agra News: सीए बता कारोबारी से लिया जीएसटी पासवर्ड, काटे 1.43 करोड़ के बिल, 43.64 लाख का नोटिस मिलने पर हुई जानकारी, पीड़ित की शिकायत पर थाना सिकंदरा में प्राथमिकी दर्ज https://gstitreturn.com/agra-news-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=agra-news-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%258f-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a4%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25af%25e0%25a4%25be https://gstitreturn.com/agra-news-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/#respond Fri, 10 Apr 2026 11:42:42 +0000 https://gstitreturn.com/?p=6597 आगरा। खुद को चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) बताकर शातिरों ने कारोबारी को झांसे में लिया। उसकी फर्म के जीएसटी की यूजर आईडी और पासवर्ड लेने के बाद बिना जानकारी दिए 1.43 करोड़ के फर्जी बिल काटकर आईटीसी क्लेम ले ली। पीड़ित के पास विभाग का नोटिस आने पर जानकारी हुई। एसीपी हरीपर्वत अमीषा के आदेश पर […]

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आगरा। खुद को चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) बताकर शातिरों ने कारोबारी को झांसे में लिया। उसकी फर्म के जीएसटी की यूजर आईडी और पासवर्ड लेने के बाद बिना जानकारी दिए 1.43 करोड़ के फर्जी बिल काटकर आईटीसी क्लेम ले ली। पीड़ित के पास विभाग का नोटिस आने पर जानकारी हुई। एसीपी हरीपर्वत अमीषा के आदेश पर थाना सिकंदरा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दहतोरा स्थित ओमत्यागीपुरम निवासी विष्णु शर्मा ने बताया कि उनकी फर्म बीके ट्रेडर्स अगस्त 2024 में पंजीकृत हुई थी। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024-25 से मार्च 2025-26 तक उन्होंने जीएसटी रिटर्न शून्य धनराशि का भरा, उन्हें व्यापारिक जानकारी कम थी। 20 अप्रैल, 2024 को विमल सिंह निवासी कालिंदी विहार, हरवंश कटारिया उर्फ हैरी निवासी नगला पदी और अभिषेक दुबे निवासी चंद्रनगर कालिंदी विहार उनसे मिले।

हरवंश ने खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताते हुए जीएसटी संबंधित कार्य संभालने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेकर आरोपियों ने फर्म की यूजर आईडी व पासवर्ड हासिल कर लिया और ओटीपी भी प्राप्त कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने आईडी का दुरुपयोग करते हुए सिंह ट्रेडर्स जिसका पंजीकरण 4 मार्च, 2025 को निरस्त हो चुका था, उसके माध्यम से 27 अप्रैल, 2025 को 1.21 करोड़ रुपये का लेनदेन दिखाया।

इसके अलावा सीजीएसटी और एसजीएसटी का कुल 1.43 करोड़ रुपये का बिल तैयार किया। माल का परिवहन ई-वे बिल के जरिए दर्शाया गया। इस राशि के समायोजन के लिए इनवॉइस नंबर 1 से 6 तक फर्जी बिल जारी किए गए, जिनके ई-वे बिल अलग-अलग वाहनों से परिवहन दर्शाया गया। ये सभी बिल श्री गिर्राज जी पेपर के नाम पर जारी किए गए।

जब जीएसटी विभाग ने 43.64 लाख रुपये टैक्स व जुर्माना जमा करने का नोटिस भेजा, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। दिखाए गए लेन-देन में उनके किसी बैंक खाते का उपयोग नहीं हुआ और फर्म के नाम पर नियम विरुद्ध ऑटो पार्ट्स का लेनदेन दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से धोखाधड़ी की है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

Source : https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/agra/bichpuri-poultry-farm-has-been-closed-for-nine-years-demanding-its-reopening-for-employment-samajwadi-party-mazdoor-sabha-submitted-a-memorandum-to-the-divisional-commissioners-office-agra-news-c-25-1-agr1034-1031368-2026-04-10

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