GST Council Meeting 2026: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक शुरू हो गई है. जानिए टैक्स नियमों में होने वाले बड़े बदलावों का आपके व्यापार और बजट पर क्या असर पड़ेगा.
GST Council Meeting 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 57वीं जीएसटी काउंसिल (GST Council) की अहम बैठक शुरू हो गई है. सितंबर 2025 में हुई 56वीं बैठक के दौरान जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स दरों में कटौती की गई थी. हालांकि, इस बार बैठक का फोकस टैक्स दरें घटाने पर नहीं, बल्कि व्यापारियों और आम टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने पर है.
जीएसटी नियमों में क्या बदलाव होने जा रहे हैं?
इस बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), रिफंड और विवादों के निपटारे जैसे अहम मुद्दों पर विचार किया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा मकसद कारोबारियों के फंसे हुए पैसों को निकालना और बिना वजह के कानूनी मुकदमों को कम करना है.
प्रमुख प्रस्तावित बदलावों को नीचे टेबल में समझा जा सकता है:
| सुधार का क्षेत्र | मुख्य प्रस्ताव |
| अधिकारी की गिरफ्तारी शक्ति | बिना अदालती मंजूरी के गिरफ्तारी की शक्ति समाप्त करने का प्रस्ताव |
| आपराधिक मुकदमा | कार्रवाई की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव |
| जीएसटी रिफंड | ऑटोमेटेड प्रक्रिया और रिफंड की अधिकतम सीमा 17 दिन तय करना |
| इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) | सप्लायर की गलती पर भी ईमानदार खरीदार का क्रेडिट सुरक्षित रखना |
| कर्मचारी लाभ | ग्रुप इंश्योरेंस और कैटरिंग जैसी सेवाओं पर ITC की छूट |
गिरफ्तारी के नियमों को लेकर क्यों बना है विवाद?
जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्तियों में बदलाव को लेकर राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है.
प्रस्तावित सुधार: अफसरों से बिना कोर्ट की इजाजत गिरफ्तारी का अधिकार छीनना और मामले दर्ज करने की सीमा को 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करना.
विरोध करने वाले राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अधिकारियों की शक्ति सीमित करने का कड़ा विरोध किया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ईमानदारी से काम करने वाले कारोबारियों को राहत देने और व्यापारिक विवादों को आपराधिक मामलों से अलग रखने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है.
कारोबारियों और MSME को इससे क्या फायदा होगा?
काउंसिल के इन सुधारों से छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) और निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है:
फंसा हुआ पैसा जल्द मिलेगा: फार्मा और FMCG जैसी कंपनियों के रिफंड 17 दिनों के भीतर मिलने से उनकी वर्किंग कैपिटल की समस्या खत्म होगी.
फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम: दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (Biometric Aadhaar Authentication) को पूरे देश में लागू किया जा सकता है.
मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा: विदेश में स्थित ग्राहकों के लिए भारत में ही तैयार किए जाने वाले सामान (जैसे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स) पर एक्सपोर्ट स्टेटस देने पर विचार हो रहा है.
Source :- https://www.prabhatkhabar.com/business/gst-council-57th-meeting-tax-rule-changes-impact-on-business
