एयर इंडिया ने हाल ही में कई फ्लाइट्स रद्द की हैं और इमरजेंसी लैंडिंग कराई है. AI171 हादसे के बाद DGCA ने बोइंग 787 विमानों की जांच शुरू की है. 12 जून को हुए हादसे में 271 लोगों की मौत हुई थी.

नई दिल्ली. क्या अपने हवाई जहाजों की ठीक से जांच के लिए एयर इंडिया किसी क्रैश का इंतजार कर रही थी? वरना अचानक कैसे कंपनी के इतने सारे प्लेन्स में कमियां नजर आ रही हैं. एयर इंडिया ने पिछले 2 दिन में लगभग 1 दर्जन फ्लाइट्स को या तो रद्द किया है या फिर उनकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है. ताजा खबर है कि बैंगलोर से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट रद्द की जा चुकी है. एयर इंडिया का कहना है कि अहमदाबाद हादसे के बाद उनके कई ड्रीमलाइनर 787 की जांच की जा रही है. जिसकी वजह से कई ड्रीमलाइनर इंटरनेशन रूट के लिए समय पर नहीं आ पा रहे है. एयर इंडिया के अनुसार, जांच में लंबा समय लग रहा है. इसलिए कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट कैंसल हुए है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इससे पहले प्लेन्स की जांच ठीक से नहीं की जा रही थी?

12 जून को हुए इस हादसे में 271 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद एयर इंडिया के संचालन, सुरक्षा मानकों और फ्लाइट स्टाफ की ट्रेनिंग को लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं. DGCA ने बोइंग 787 विमानों की खास जांच शुरू कर दी है, जिसमें फ्यूल पैरामीटर, इंजन कंट्रोल और क्रू ट्रेनिंग रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है. इसकी वजह से एयर इंडिया को अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में खासा फेरबदल करना पड़ रहा है.

कौन-कौन सी फ्लाइट प्रभावित हुईं?

AI173 (सैन फ्रांसिस्को → कोलकाता → मुंबई)
16 जून को यह फ्लाइट कोलकाता पहुंचने के बाद तकनीकी खराबी के कारण वहीं रोक दी गई. विमान मुंबई नहीं जा सका और यात्रियों को कोलकाता में उतारना पड़ा.

AI159 (अहमदाबाद → गैटविक)
17 जून की इस उड़ान को रद्द करना पड़ा. एयर इंडिया ने सफाई दी कि विमान की उपलब्धता नहीं होने और DGCA की सुरक्षा चेक के चलते ऐसा हुआ. अहमदाबाद एयरपोर्ट भी अभी तक AI171 हादसे के बाद पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाया है.

AI170 (गैटविक → अमृतसर)
यह रिटर्न फ्लाइट भी रद्द कर दी गई. इसमें वही विमान लगना था जो अहमदाबाद से लंदन जाता, पर वह उड़ान ही नहीं हो सकी.

AI143 (दिल्ली → पेरिस) और AI142 (पेरिस → दिल्ली)
17 और 18 जून को इन दोनों उड़ानों को रद्द कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक बोइंग 787 विमानों की DGCA जांच के कारण विमान समय पर उपलब्ध नहीं हो पाए.

AI315 (हॉन्गकॉन्ग → दिल्ली)
16 जून को उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही यह विमान तकनीकी कारणों से वापस हॉन्गकॉन्ग लौट आया. यात्रियों को बाद में दूसरी फ्लाइट से रवाना किया गया.

AI649 (मुंबई → अहमदाबाद)
16 जून को यह घरेलू फ्लाइट ऑपरेशनल कारणों से रद्द करनी पड़ी. अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अभी भी रनवे और स्लॉट सीमित हैं.

Air India Express (दिल्ली → रांची)
16 जून को यह फ्लाइट भी उड़ान के तुरंत बाद तकनीकी खराबी के चलते दिल्ली लौट आई. हालांकि यह एयर इंडिया की बजट इकाई है, लेकिन इस घटना ने कंपनी की पूरी संचालन क्षमता पर असर डाला है.

AI377 (फुकेत → दिल्ली)

यह फ्लाइट उड़ान के दौरान तकनीकी दिक्कतों का सामना करने के बाद फुकेत में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मजबूर हुई. यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था से दिल्ली भेजा गया.

बढ़ती चिंताएं और DGCA की सख्ती

AI171 क्रैश ने एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े पर गहरी निगरानी ला दी है. DGCA ने इन विमानों के लिए सख्त सुरक्षा चेक शुरू किए हैं. कंपनी की इंटरनेशनल उड़ानों की रीढ़ माने जाने वाले ये विमान अब लगातार ग्राउंड हो रहे हैं, जिससे फ्लाइट शेड्यूल गड़बड़ा गया है. एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने हादसे को अपने करियर का सबसे दुखद क्षण बताया था. हालांकि कंपनी ने पारदर्शिता और सुधार की बात कही है, लेकिन बीते दो दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं, वे संकट को और गहराती दिख रही हैं.

Source : https://hindi.news18.com/news/business/latest-haifa-port-adani-strategic-gateway-for-indias-global-trade-and-geopolitical-footprint-ws-kl-9315946.html

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